प्रदीप कुमार दुर्ग भिलाई। मंगलवार का दिन भिलाई स्थित स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (SVVV) के लिए किसी बड़ी दुर्घटना से कम नहीं था। विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया भवन में बनी कैंटीन में अचानक गैस सिलेंडर से रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते आग लग गई। लपटें उठते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। (Bhilai University canteen accident: Gas cylinder caught fire, 200 students evacuated safely)
घटना के वक्त इमारत में मौजूद 200 से ज्यादा छात्र अपनी कक्षाओं में थे, जिन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि किसी भी छात्र को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया।
दमकल और पुलिस ने संभाली स्थिति
आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने बिना समय गंवाए तेजी से आग पर काबू पाया। इस बीच कैंटीन में काम कर रही एक महिला कर्मचारी लपटें देखकर घबराकर बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि महिला सुरक्षित हैं और फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा की समीक्षा शुरू
यह घटना नेवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। हादसे ने विश्वविद्यालय प्रशासन को झकझोर दिया है। तत्काल प्रभाव से प्रशासन ने सभी भवनों और कैंटीनों में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि—
कैंपस की सभी कैंटीनों और प्रयोगशालाओं में सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी।
सिलेंडर और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग पर खास निगरानी रखी जाएगी।
छात्रों में दहशत, लेकिन राहत की सांस भी
घटना के बाद छात्रों में कुछ समय तक दहशत का माहौल रहा। कई छात्रों ने बताया कि लपटें और धुआं देखते ही वे डर गए थे। लेकिन विश्वविद्यालय और दमकल टीम की तत्परता से सभी सुरक्षित बाहर आ सके। छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि कैंपस में अग्नि सुरक्षा के लिए और पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
हादसे से मिली सीख
यह हादसा भले ही टल गया हो, लेकिन इससे यह साफ हो गया है कि—
सार्वजनिक स्थानों पर गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल में अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी है।
हर कैंपस और संस्था में फायर सेफ्टी उपकरणों का होना और उनका नियमित निरीक्षण होना अनिवार्य है।
कर्मचारियों और छात्रों को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग समय-समय पर दी जानी चाहिए।