भोपाल। तेजी से अमीर बनाने का लालच देकर शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट के नाम पर भोपाल के शख्स से 9 लाख 35 हजार की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केरल के मलप्पुरम और कोझीकोड से खाता बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह पहले लोगों को व्हाट्सऐप पर शेयर मार्केट में निवेश (Investment) के मैसेज भेजता था। बड़ी कंपनियों के नाम पर बनाए गए फर्जी एप (Fake App) के जरिए निवेश करवाता और कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच देता था। शुरुआत में छोटी रकम पर लोगों को मुनाफा वापस भी किया जाता था, ताकि उनका भरोसा जीत सकें। लेकिन जैसे ही लोग बड़ी रकम इन्वेस्ट कर देते, खाते ब्लॉक कर दिए जाते और पैसे विदेशों में ट्रांसफर कर निकाले जाते।
कैसे हुई ठगी?
शिकायतकर्ता मोहम्मद जैनुल, निवासी कोहेफिजा, भोपाल ने साइबर क्राइम शाखा को रिपोर्ट दी थी। उन्होंने बताया कि एक शख्स करन बिरला नाम से उनसे व्हाट्सऐप पर जुड़ा और “PMHDFC” नाम के एप के जरिए सहज सोलर कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने का झांसा दिया। जैनुल ने अलग-अलग खातों में ऑनलाइन पैसे जमा किए और देखते ही देखते उनसे 9.35 लाख रुपए की ठगी हो गई।
जांच के बाद मामला साइबर क्राइम ब्रांच में अपराध क्र. 109/2024 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया और पुलिस टीम तुरंत एक्टिव हो गई।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी व्हाट्सऐप पर शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट के मैसेज भेजते।
बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते-जुलते फर्जी एप बनाते।
कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देते।
छोटी रकम पर मुनाफा वापस कर भरोसा जीतते।
बड़ी रकम इन्वेस्ट होने पर खाते ब्लॉक कर देते।
पैसों को तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर कर विदेशों से एटीएम से निकाल लिया जाता।
आरोपी फर्जी बैंक खाते महंगे दामों में खरीदकर ठगों को बेचते।
पुलिस की कार्रवाई
कमिश्नर श्री हरिनारायणाचारी मिश्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, डीसीपी अपराध अखिल पटेल, एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान और एसीपी सुजीत तिवारी के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम टीम ने कड़ी मेहनत की।
टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मैदान स्तर पर काम करते हुए असली आरोपियों की पहचान की। पता चला कि धोखाधड़ी की रकम दुबई से एटीएम के जरिए निकाली जा रही है और मुख्य आरोपी वहीं छिपे हुए हैं। लेकिन पुलिस ने भारत में उनके लिए खाता उपलब्ध कराने वाले चार आरोपियों को केरल से दबोच लिया।
जिनसे एक बैंक पासबुक, एक एटीएम कार्ड, एक पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपी
मुहम्मद नबील कोलोथोड़ी, 12वीं पास – खुद के नाम पर खाता खोलकर बेचना।
शमशाद पी., 12वीं पास – फर्जी खाते खरीदकर बेचना।
आशिक सजीर टी., ग्रेजुएट – खाते खरीदकर अन्य आरोपियों को बेचना।
मो. दानिश सी.के., आईटीआई पास – भारत से खाते खरीदकर दुबई में ठगों को बेचना और कमीशन लेना।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस केस में पुलिस पहले ही केरल और महाराष्ट्र से 8 आरोपी गिरफ्तार कर चुकी थी। इनमें अनिकेत दत्तात्रेय, ऋषिकेश बाविस्कर, आकाश चनाडे, रियाज, रसल, सचु, मोहम्मद मुबाशिर और राकेश जाधव शामिल हैं। इन सबकी भूमिका भी फर्जी बैंक खाते खोलकर या खरीदकर गिरोह को उपलब्ध कराने की थी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश फरकले, उपनिरीक्षक देवेंद्र साहू, सहायक उपनिरीक्षक चिन्ना राव, प्र.आर. आदित्य साहू, प्र.आर. तेजराम सेन, आरक्षक यतिन चौरे, आरक्षक प्रशांत शर्मा, आरक्षक रवि माहेश्वरी और आरक्षक सुरेंद्र लामकुचे की अहम भूमिका रही।