गुरुर। जनपद पंचायत गुरुर के निर्देशन में संचार, संकर्म एवं निर्माण समिति के सभापति डॉ. हरिकृष्ण गंजीर ने रविवार को जनपद क्षेत्र क्रमांक 05 के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोहारा, जेवरतला और भोथली की आंगनबाड़ियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और बच्चों से मुलाकात कर वहां की गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कार्यकर्ताओं ने रखी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी-अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कई बार छोटी-छोटी परेशानियां ग्राम पंचायत स्तर पर भी हल की जा सकती हैं, लेकिन बड़े मुद्दों को लेकर उन्हें जिला या शासन स्तर तक भटकना पड़ता है। इस पर डॉ. गंजीर ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि ग्राम पंचायत स्तर की छोटी समस्याओं का समाधान यहीं किया जाएगा और जो बड़े मुद्दे हैं उन्हें जनपद, जिला और शासन स्तर पर अधिकारियों को अवगत कराकर पूरा करवाया जाएगा।
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बच्चों से भी की बातचीत
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर डॉ. गंजीर ने बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, पोषण आहार और खेलकूद के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
निरीक्षण में कई लोग रहे मौजूद
इस निरीक्षण दौरे के दौरान क्षेत्र के कई जिम्मेदार और समाजसेवी भी मौजूद रहे। इनमें –
- जसवंत कुमार साहू, संयोजक शक्ति केंद्र भोथली
- नीलकंठ साहू, सहसंयोजक शक्ति केंद्र मोहारा
- लिलेश्वरी साहू, सरपंच ग्राम पंचायत जेवरतला
- बसंत निर्मलकर, सदस्य शाला प्रबंधन समिति, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहारा
- कमलेश्वर सोनवानी, सदस्य शाला प्रबंधन समिति, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहारा
- गणपत राम साहू, सदस्य शाला प्रबंधन समिति, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहारा
इन सभी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अपनी राय दी और बेहतर समाधान के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों ने सराहा पहल
गांव के लोगों ने डॉ. गंजीर की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि अक्सर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याएं अनसुनी रह जाती हैं, लेकिन इस तरह के दौरे से उनकी आवाज सीधे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचती है। इससे न सिर्फ कार्यकर्ताओं को राहत मिलती है बल्कि बच्चों की देखभाल और पोषण व्यवस्था भी बेहतर होती है।
बेहतर व्यवस्था का वादा
डॉ. हरिकृष्ण गंजीर ने कहा कि आंगनबाड़ी बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य की नींव होती हैं। यहां कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाएं लगातार मेहनत करती हैं, लेकिन कई बार संसाधनों की कमी से दिक्कतें आती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर संभव प्रयास किया जाएगा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाएं सुधरें और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आहार व शिक्षा मिल सके।