लखनऊ। बीकेटी तहसील के इटौंजा क्षेत्र में बाढ़ का पानी कई गांवों तक पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय लोगों के सामने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं। मंगलवार को इसी हालात का जायजा लेने खुद मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. एन.बी. सिंह बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने लासा, बहादुरपुर और हरदा बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ज़रूरी निर्देश दिए।
इस मौके पर उनके साथ उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.पी. सिंह, बीकेटी CHC अधीक्षक डॉ. जे.पी. सिंह और इटौंजा CHC के प्रभारी डॉ. किसलय बाजपेयी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान CMO ने अधीक्षकों से कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं पर नज़र रखें और ज़रूरी दवाएं व सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराएं।
ज़रूरी दवाएं और हेल्थ टीम की तैनाती
CMO ने निर्देश दिया कि प्रभावित गांवों में ORS, जिंक टैबलेट, क्लोरीन की गोलियां और अन्य ज़रूरी दवाएं समय पर पहुंचाई जाएं, ताकि पानी से फैलने वाली बीमारियों पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में रोस्टर के आधार पर 24 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी समय लोगों को इलाज मिल सके।
लोगों को दी जा रही जागरूकता
डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि गांवों में लोगों को साफ-सफाई रखने, उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, और गंदे पानी से बचने के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही, स्वास्थ्य शिक्षा के जरिए बीमारियों की रोकथाम के उपाय भी बताए जाएं।
CHC इटौंजा का निरीक्षण और सफाई पर जोर
निरीक्षण के बाद CMO ने CHC इटौंजा का भी दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई बनाए रखने और जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत लाभार्थियों और आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की दीवारों पर सभी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से लिखी जाए, ताकि आने वाले मरीज आसानी से समझ सकें और उनका लाभ उठा सकें।
मरीजों को मिलें सभी स्वास्थ्य सेवाएं
CMO ने CHC अधीक्षक को निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, चाहे वह सामान्य जांच हो या किसी योजना का लाभ। उन्होंने जोर देकर कहा कि “जनता को बिना किसी परेशानी के इलाज मिलना चाहिए”।
सरकार की प्राथमिकता – बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा
इस पूरे निरीक्षण के दौरान यह साफ दिखा कि स्वास्थ्य विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के कारण पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय पर दवाएं और जागरूकता बेहद ज़रूरी है।
लोगों को उम्मीद है कि CMO के इन सख्त निर्देशों के बाद इटौंजा और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी, जिससे किसी बड़ी बीमारी के फैलने का खतरा कम होगा।