जितेंद्र साहू धमतरी जिले के बोराई क्षेत्र के ग्राम मैंनपुर में 8 अगस्त 2025 को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रही मासूम अनन्या नेताम (पिता – हरिशचंद नेताम) पर अचानक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में अनन्या गंभीर रूप से घायल हो गई।
स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्ची को कुत्तों से बचाया और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उसे रायपुर के एकता अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही है।
विधायक अंबिका मरकाम की त्वरित पहल
जैसे ही इस घटना की खबर सिहावा विधायक अंबिका मरकाम को मिली, उन्होंने बिना देर किए रायपुर अस्पताल पहुंचकर अनन्या और उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बच्ची की तबीयत के बारे में डॉक्टरों से विस्तार से जानकारी ली और इलाज में किसी भी तरह की कमी न रहने के निर्देश दिए।
विधायक मरकाम ने धमतरी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट कहा कि बच्ची को हर जरूरी मेडिकल सुविधा तुरंत और पूरी तरह मिले। उन्होंने जनजातीय विभाग से भी विशेष सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
परिवार से मुलाकात और हौसला बढ़ाया
अस्पताल में अनन्या के माता-पिता से बातचीत करते हुए अंबिका मरकाम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इलाज का पूरा जिम्मा वे और प्रशासन मिलकर उठाएंगे। उन्होंने कहा – “ये हमारी जिम्मेदारी है कि बच्ची जल्दी ठीक हो और किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करे।”
आवारा कुत्तों की समस्या पर कड़े कदम की मांग
इस मौके पर विधायक मरकाम ने प्रशासन को आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर भी चेताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि जल्द से जल्द कुत्तों के नसबंदी अभियान, आश्रय गृह और नियमित निगरानी जैसे कदम उठाए जाएं।
जनता में बढ़ा भरोसा
अंबिका मरकाम के इस त्वरित कदम और सक्रियता से इलाके के लोगों में यह संदेश गया है कि उनका जनप्रतिनिधि हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़ा है। लोग उनकी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों का आतंक पिछले कुछ महीनों से बढ़ा है और कई बार बच्चों व बुजुर्गों को कुत्तों ने निशाना बनाया है। अब उम्मीद है कि प्रशासन इस पर गंभीरता से काम करेगा।
प्रशासन के लिए चुनौती
यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का प्रबंधन जरूरी है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
फिलहाल, अनन्या रायपुर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है और परिवार को उम्मीद है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटेगी।