कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत पलारी में एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। यहां 25 दिन के दूधमुंहे बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि मौत बीसीजी का टीका लगने के एक दिन बाद हुई। यह घटना 9 अगस्त की रात करीब 3 बजे की है।
(In Palari of Kondagaon district, a 25-day-old innocent child died 24 hours after getting the BCG vaccine. The family members say that the child was healthy earlier, but his health deteriorated after the vaccine. The health department has started an investigation, while there is an atmosphere of grief in the village.)
जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चा रमेश मंडावी का तीसरा बेटा था। रमेश मंडावी पेशे से राजमिस्त्री का काम करते हैं। 8 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे बच्चे को पलारी उप स्वास्थ्य केंद्र में बीसीजी का टीका लगाया गया था।
टीका लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार का कहना है कि टीका लगने के बाद बच्चे को हल्की खांसी और तबीयत में गड़बड़ी महसूस हुई। शुरू में उन्हें लगा कि यह सामान्य प्रतिक्रिया है, लेकिन धीरे-धीरे हालत बिगड़ती गई। परिजनों के अनुसार, टीका लगने से पहले बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था और उसमें कोई भी बीमारी या कमजोरी के लक्षण नहीं थे।
बच्चे की मां, आसमती मंडावी ने बताया कि उनका प्रसव भी इसी स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। 16 जुलाई को सामान्य डिलीवरी के बाद बच्चे का जन्म हुआ था और तब से वह ठीक-ठाक था।
स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
पलारी उप स्वास्थ्य केंद्र के आरएचओ टिकेंद्र पांडे ने बताया कि बच्चे की तबीयत टीका लगने से पहले बिल्कुल सामान्य थी। टीकाकरण गुलापी नाग नामक सेकंड एएनएम द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौत का कारण टीका है या कोई और वजह। स्वास्थ्य विभाग ने जांच की बात कही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कोंडागांव, डॉ. आर.के. चतुर्वेदी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ, जिससे आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं मिल सका है।
गांव में शोक का माहौल
25 दिन के मासूम की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम का माहौल है। बच्चे की लाश को देखते ही मां-बाप रो-रोकर बेहाल हो गए। पड़ोसी और रिश्तेदार भी गम में डूबे हुए हैं। लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक स्वस्थ बच्चे की हालत अचानक इतनी बिगड़ कैसे गई।
गांव के लोग अब इस मामले में पूरी जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सही वजह का पता चल सके और भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
क्या है बीसीजी का टीका?
बीसीजी (BCG) का टीका आमतौर पर नवजात और छोटे बच्चों को तपेदिक (टीबी) से बचाव के लिए लगाया जाता है। इसे जन्म के तुरंत बाद या जीवन के शुरुआती हफ्तों में दिया जाता है। टीके के बाद हल्का बुखार या इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन होना सामान्य है, लेकिन गंभीर प्रतिक्रिया के मामले बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत का कारण टीका था या कोई और चिकित्सकीय वजह।
रमेश मंडावी, मृत बच्चे का पिता ग्राम पलारी का कहना है बच्चों को टीका लगाया गया था जिसके बाद उसे बुखार आया स्वास्थ्य केंद्र में टीका लगवाया था 16 जुलाई को नॉर्मल डिलीवरी हुई थी टीका लगने के बाद बुखार आया बच्चें की मृत्यु हो गई