रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उमरिया में बनने वाली बीईएमएल ‘ब्राह्मा’ रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई का भूमिपूजन किया। करीब 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना अगले दो वर्षों में तैयार हो जाएगी और प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगी। (Madhya Pradesh gets the gift of ‘Brahma’ rail hub worth 1800 crores, Defense Minister Rajnath Singh performed Bhoomi Pujan)
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मध्यप्रदेश को मिला बड़ा औद्योगिक तोहफा
भूमिपूजन समारोह में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,
“आज का दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्व का है। यहां जंगल, टाइगर और प्राकृतिक सुंदरता तो पहले से मशहूर थी, लेकिन अब औद्योगिक विकास के लिए भी प्रदेश पूरे देश में जाना जाएगा।”
उन्होंने कहा कि इस रेल हब में रेलवे के डिब्बों के साथ कई अन्य उत्पाद भी बनाए जाएंगे। परियोजना के पूरा होते ही 5000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।
‘ब्राह्मा’ नाम का विशेष महत्व
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस इकाई का नाम ‘ब्राह्मा’ सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा के नाम पर रखा गया है, जो सृजन और विकास का प्रतीक है। यहां प्रतिवर्ष शुरुआत में 125 से 200 रेल कोच तैयार किए जाएंगे, जिन्हें पांच वर्षों में बढ़ाकर 1100 कोच तक किया जाएगा।
औद्योगिक विकास में तेजी
राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य तेजी से विकास की राह पर है।
उन्होंने बताया कि:
पिछले कुछ सालों में 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश में आया है।
सरकार ने 48 हजार हेक्टेयर भूमि बैंक तैयार किया है ताकि निवेशकों को आसानी से जमीन मिल सके।
रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां पहले से ही मध्यप्रदेश में अच्छा काम कर रही हैं।
भारत की बढ़ती ताकत पर जोर
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ रक्षा सामग्री का आयात करने वाला देश नहीं है, बल्कि निर्यातक देश बन चुका है।
2014 में देश 600 करोड़ रुपये की रक्षा सामग्री निर्यात करता था, जो अब 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और तीसरे स्थान की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो जवाब भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का विज़न – आत्मनिर्भर और औद्योगिक मध्यप्रदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना मध्यप्रदेश को औद्योगिक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि:
जनवरी 2024 से अब तक भोजपुर विधानसभा में 3600 करोड़ रुपये के उद्योगों की सौगात मिली है।
‘ब्राह्मा’ परियोजना पूरी तरह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप होगी।
प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर बनाने के लिए हजारों एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रायसेन जिला न केवल आध्यात्मिक धरोहर (सांची और भीमबैटका) के लिए जाना जाता है, बल्कि अब यह औद्योगिक विकास में भी पहचान बनाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भारत की सेना ने पहलगांव आतंकी हमले का सटीक जवाब देकर पूरी दुनिया को भारत की ताकत दिखाई।
उन्होंने किसानों से स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में बना सामान खरीदने से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 11 अगस्त को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 1156 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाएंगे।
स्थानीय उद्योगों और MSME के लिए वरदान
‘ब्राह्मा’ रेल हब परियोजना से न केवल बड़ी कंपनियों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को भी नए अवसर मिलेंगे।
स्थानीय स्तर पर कच्चा माल आपूर्ति, मरम्मत, पैकेजिंग, परिवहन और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में काम बढ़ेगा।
परियोजना के कारण क्षेत्र में आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार की भी नई संभावनाएं बनेंगी।
प्रदेश की औद्योगिक यात्रा में नया अध्याय
मध्यप्रदेश पहले से ही मंडीदीप जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, जहां 752 औद्योगिक इकाइयां हैं और 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है। अब उमरिया में यह नई परियोजना प्रदेश की औद्योगिक छवि को और मजबूत करेगी।