बालोद/गुरुर देशभर में 9 अगस्त को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन बड़े उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया। गुरुर नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी इस त्यौहार की रौनक एक हफ्ते पहले से ही दिखाई देने लगी थी। बाजारों में राखियों की खरीदारी के लिए महिलाओं और बच्चों की भीड़ उमड़ रही थी।
इसी कड़ी में जनपद पंचायत गुरुर की अध्यक्ष सुनीता संजय साहू, जनपद सदस्य लता लक्ष्मीचंद साहू, कौशल्या चंद्रवंशी, परमिला साहू और अन्य जनप्रतिनिधि 14वीं बटालियन कैंप धनोरा पहुंचे। यहां उन्होंने तैनात जवानों को राखी बांधकर उनके स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की। बदले में जवानों ने भी बहनों को उनकी सुरक्षा का वचन दिया।
जवानों के लिए भावुक पल
रक्षाबंधन के मौके पर बटालियन कैंप के अधिकांश जवान अपनी ड्यूटी के चलते घर नहीं जा पाते। ऐसे में जब जनपद पंचायत के प्रतिनिधि राखी लेकर पहुंचे, तो माहौल भावुक हो गया। बहनों ने जब अपने हाथों से राखी बांधी और मिठाई खिलाई, तो जवानों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।
ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष डाकेश साहू ने इस मौके पर कहा —
“रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का व्रत है। हमारे जवान देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के लिए दिन-रात समर्पित रहते हैं। ऐसे में यह पर्व उनके लिए और भी खास हो जाता है।”
विश्वास और स्नेह का प्रतीक
जनपद पंचायत गुरुर की अध्यक्ष सुनीता संजय साहू और सदस्य लता लक्ष्मीचंद साहू ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के गहरे भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तो यह न सिर्फ रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
जवानों का समर्पण काबिले तारीफ
बटालियन के सेनानी उमेश प्रसाद गुप्ता, उप सेनानी डॉ. संगीता महिलकर, सहायक सेनानी किशोरी लाल वर्मा, अल बिनस मिंस, क्वार्टर मास्टर वेदनाथ बंजारे, प्रधान आरक्षक उस्त राम कुंटे, कमलेश मांडवी, उमेंद्र कुमार, दिनेश साहू, सुरेंद्र रात्रे सहित पूरा स्टाफ इस अवसर पर मौजूद था।
सभी ने माना कि रक्षाबंधन जैसे पर्व पर जब घर से दूर जवानों को समाज का स्नेह और आशीर्वाद मिलता है, तो वह उन्हें ड्यूटी के प्रति और अधिक प्रेरित करता है।
गांव-नगर में रही रौनक
गुरुर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन का उल्लास पूरे दिन बना रहा। सुबह से ही बहनें राखी और पूजन सामग्री लेकर भाइयों के घर पहुंचीं। मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ लगी रही और बच्चों में उत्साह चरम पर रहा। (On Raksha Bandhan, district representatives reached the 14th Battalion camp, sisters tied Rakhi to the soldiers)