प्रदीप कुमार दुर्ग Rakshabandhan with BSF soldiers in Abujhmad, villagers tied Rakhi, increased the bond of brotherhood बढ़ा भाईचारे का बंधननक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में तैनात 133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इस बार रक्षाबंधन का त्योहार कुछ खास अंदाज में मनाया। सोनपुर मुख्यालय समेत सीओबी डोंडरीबेड़ा, होराडी, गड़पा और कंडुलनार में ग्रामीणों, छात्राओं और बाल आश्रम की बच्चियों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर भाईचारे का संदेश दिया।
यह नजारा किसी भावनात्मक पल से कम नहीं था। आसपास के गांवों, विभिन्न स्कूलों और बाल आश्रमों से 106 बच्चियां, 13 शिक्षक व विद्यालय कर्मचारी और 81 ग्रामीण—कुल 200 लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। सबने मिलकर जवानों के त्याग, सेवा और सुरक्षा के जज़्बे को सलाम किया।
गांवों में गूंजा भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों और छात्राओं ने BSF के जवानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी बदौलत ही वे निश्चिंत होकर अपने गांवों और खेतों में काम कर पाते हैं। वहीं जवानों ने भी वादा किया कि वे न केवल देश की सीमाओं बल्कि अबूझमाड़ जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में भी हर समय लोगों की सुरक्षा में डटे रहेंगे।
रक्षाबंधन के इस आयोजन ने एक बात साफ कर दी—जवान और ग्रामीण सिर्फ सुरक्षा के कारण ही नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सम्मान के रिश्ते से भी जुड़े हैं।
सुरक्षा के साथ विकास की राह
सीमा सुरक्षा बल यहां केवल शांति बनाए रखने तक सीमित नहीं है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में BSF शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी काम कर रही है। स्कूलों में मदद, स्वास्थ्य शिविर और सड़कों के निर्माण जैसे कार्यों से ग्रामीणों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
BSF के प्रयासों से अबूझमाड़ में सिर्फ हथियारों की आवाज नहीं, बल्कि विकास और खुशियों की गूंज भी सुनाई देने लगी है।
क्यों खास था यह रक्षाबंधन
नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा बल केवल वर्दीधारी जवान नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। इस रक्षाबंधन पर जब बच्चियों ने जवानों को राखी बांधी, तो यह सिर्फ धागा नहीं बल्कि विश्वास, सुरक्षा और भाईचारे का मजबूत बंधन था।
कार्यक्रम के अंत में जवानों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर चाय-नाश्ता किया और खुशियां बांटीं। यह दिन हमेशा के लिए अबूझमाड़ के लोगों की यादों में रहेगा।