रायपुर, 9 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 34 शहरों में आधुनिक नालंदा परिसर-सह-सेंट्रल लाइब्रेरी बनाए जा रहे हैं। इन परिसरों में पढ़ाई के लिए न सिर्फ किताबें और डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे, बल्कि शांत और सुविधाजनक माहौल भी मिलेगा।
ये लाइब्रेरी सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर और पेंड्रा जैसे दूरस्थ इलाकों में भी बनाई जाएंगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने इसके लिए अब तक 237.58 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर रायगढ़ में
रायगढ़ में 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम तेजी से चल रहा है। यह परियोजना एनटीपीसी के सीएसआर फंड और नगर निगम रायगढ़ के सहयोग से बन रही है, 42.56 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह परिसर, प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर बनने जा रहा है।
युवाओं के लिए पढ़ाई का हब बनेंगे नालंदा परिसर
इन लाइब्रेरियों में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उत्कृष्ट किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी।
नगरीय प्रशासन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125.88 करोड़ रुपये, और 2024-25 में 15 परिसरों के लिए 111.70 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
500 और 250 सीटर लाइब्रेरियों का निर्माण
दस शहरों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी।
500 सीटर शहर: दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर, भिलाई, जशपुर, लोरमी, गरियाबंद
250 सीटर शहर: धमतरी, चिरमिरी, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कुनकुरी, बसना, अंबागढ़-चौकी
रायपुर में जल्द दो नई लाइब्रेरी
राजधानी रायपुर में पहले से तीन सेंट्रल लाइब्रेरी संचालित हैं —
1000 सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन
800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी
500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी
पिछले पांच वर्षों में यहां पढ़ाई करने वाले 400 युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं। जल्द ही रायपुर में 1000 सीटर और 500 सीटर दो नई लाइब्रेरी का निर्माण भी शुरू होगा, जिनके लिए 22.80 करोड़ और 11.28 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं।
सरकार के नेता क्या बोले
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा — “नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।”
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा — “हम युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतरीन माहौल और सभी सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”