प्रदीप कुमार दुर्ग भिलाई, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर यूथ सिख सेवा समिति की महिला विंग ने एक भावनात्मक और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसने भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा को नई ऊंचाई दी। यह आयोजन भिलाई के हथखोज इलाके में स्थित युवा सिख सेवा समिति कार्यालय में किया गया, जहां सिख समाज की सैकड़ों बहनों ने समाजसेवी और भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह को राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। बहनों ने पहले तिलक किया और फिर इंद्रजीत सिंह की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान सभी ने उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। राखी बांधते-बांधते कुछ ही देर में इंद्रजीत सिंह की दोनों कलाइयां रंग-बिरंगी राखियों से सज गईं। माहौल बेहद भावुक और आत्मीय हो गया, जिसमें अपनापन झलक रहा था।
बहनों ने भावुक होकर कहा कि “इंद्रजीत भाई हमेशा हमारे हर सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। वो न सिर्फ समाज के लिए काम करते हैं, बल्कि हमें परिवार जैसा अपनापन भी देते हैं। यही वजह है कि आज हम सभी दिल से उन्हें राखी बांधने आई हैं।”
इस विशेष मौके पर बहनों के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। इंद्रजीत सिंह ने न सिर्फ सभी राखियों को स्नेहपूर्वक स्वीकार किया, बल्कि उन्हें शगुन और उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा भी किया। उनके इस भाव ने बहनों के दिल को छू लिया। कुछ बहनों की आंखें नम हो गईं, और उन्होंने वादा किया कि वे अगले साल भी इसी प्रेम और सम्मान के साथ फिर लौटेंगी।
इंद्रजीत सिंह ने इस मौके पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे लिए यह बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है कि मुझे समाज की इतनी बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मिला। मैं कोशिश करूंगा कि हमेशा उनके विश्वास पर खरा उतरूं। यह रिश्ता केवल राखी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जीवन भर उनका भाई बनकर साथ निभाऊंगा।”
रक्षाबंधन का यह आयोजन न सिर्फ एक पारंपरिक पर्व का उत्सव था, बल्कि यह सिख समाज में सामाजिक एकता, भाईचारे और सेवा की भावना का बेहतरीन उदाहरण भी बन गया। यूथ सिख सेवा समिति की महिला विंग द्वारा किया गया यह आयोजन इस बात की मिसाल है कि जब समाज के लोग एकजुट होते हैं, तो पर्व केवल रस्में नहीं रहते, बल्कि रिश्तों को और गहरा कर जाते हैं।
इस आयोजन में समाज के अन्य गणमान्य सदस्य और महिलाएं भी शामिल हुईं और उन्होंने भी इंद्रजीत सिंह के सेवा भाव की सराहना की। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे रक्षाबंधन का सबसे खास और यादगार दिन बताया।