जितेंद्र साहू धमतरी । नगर पंचायत नगरी कार्यालय में रक्षाबंधन का पर्व इस बार कुछ खास अंदाज़ में मनाया गया। महिला पार्षदों ने इस पावन अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पार्षदों को राखी बांधकर भाईचारे और सौहार्द्र की मिसाल पेश की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित इस आयोजन में पूरे माहौल में अपनापन और प्रेम झलकता दिखा।
कार्यक्रम की शुरुआत महिला पार्षदों द्वारा पारंपरिक तिलक और रक्षासूत्र बांधने के साथ हुई। इस दौरान उन्होंने मिठाई खिलाकर अपने प्रतिनिधि भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। रक्षाबंधन के इस उत्सव में न केवल पार्षदगण बल्कि नगर पंचायत के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए, जिससे माहौल और भी आत्मीय हो गया।
भाईचारे और समरसता का प्रतीक बना आयोजन
नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा, सभापति शंकर देव, पार्षद देवचरण ध्रुव और राजा पवार ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उन्हें साड़ी व मिठाई भेंट कर सम्मानित किया। अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने कहा,
“रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में विश्वास, समरसता और सहयोग का प्रतीक भी है। महिलाएं हमारी शक्ति हैं और उनके सम्मान व सुरक्षा के लिए हम सदैव संकल्पित हैं।”
पार्षद बहनों ने बढ़ाया उत्साह, जताई विकास की उम्मीद
इस कार्यक्रम में पार्षद चेलेश्वरी साहू, अंबिका ध्रुव, विनीता कोठारी, मिकी गुप्ता, डगेश्वरी साहू और योगेश साहू ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में कहा,
“हमने आज अपने जनप्रतिनिधियों को राखी बांधकर भाईचारे का फर्ज निभाया है। यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सहयोग और विश्वास की सीख देता है। हमने अपने भाइयों से नगर के विकास की रफ्तार और तेज़ करने का आग्रह भी किया है।”
महिला पार्षदों का मानना है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार सामाजिक एकता और जुड़ाव को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ राखी का बंधन केवल रस्म अदायगी नहीं बल्कि एक सकारात्मक संदेश है कि वे नारी सम्मान और नगर के समुचित विकास के प्रति सजग हैं।
स्थानीय जनता और कर्मचारियों ने भी साझा की खुशी
रक्षाबंधन के इस उत्सव में नगर पंचायत के कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सहयोग देकर सफल बनाया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे त्योहार हमें नज़दीक लाते हैं और समाज में सौहार्द्र की भावना को और मज़बूत करते हैं।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब त्योहारों को सामाजिक दायित्वों से जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव और गहरा होता है। रक्षाबंधन का यह आयोजन नगर पंचायत कार्यालय में एक यादगार पल बन गया, जिसमें सभी ने साथ मिलकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
समाप्ति पर सभी ने लिया समाज सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने नगर की सेवा और विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए यह संकल्प लिया कि वे एक परिवार की तरह मिल-जुलकर कार्य करेंगे। इस रक्षाबंधन ने न केवल भावनाओं को जोड़ने का काम किया, बल्कि यह भी दिखाया कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच जब रिश्ते मजबूत होते हैं, तो विकास की राह और आसान हो जाती है।