जितेंद्र साहू धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के मैनपुर गांव में बाड़ी में खेल रही एक 9 साल की मासूम छात्रा पर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची बुरी तरह घायल हो गई और उसके शरीर पर गहरे जख्म हो गए। हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे 20 से ज्यादा टांके लगाने पड़े। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है, लेकिन इस घटना से पूरे गांव में डर का माहौल बन गया है।
खेलते-खेलते हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मैनपुर गांव की रहने वाली चौथी क्लास की छात्रा आन्या नेताम गुरुवार दोपहर स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटी थी। घर के पास ही बाड़ी में खेलते समय अचानक कुछ आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। तेज भौंकने और गुर्राने की आवाज के बीच बच्ची दर्द से चीखने लगी।
परिजनों ने बचाया
घर के अंदर मौजूद परिजनों ने जब चीखने की आवाज सुनी, तो दौड़कर बाड़ी की तरफ पहुंचे। वहां का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए — कुत्ते बच्ची को बुरी तरह काट रहे थे। परिजनों ने तुरंत उसे छुड़ाया, लेकिन तब तक उसके हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव हो चुके थे।
अस्पतालों के चक्कर
घटना के तुरंत बाद आन्या को इलाज के लिए बोराई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे नगरी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। नगरी अस्पताल में डॉक्टरों ने घाव की गंभीरता को देखते हुए उसे धमतरी जिला अस्पताल भेज दिया। वहां बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टरों ने बताया कि उसे 20 से ज्यादा टांके लगे हैं।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद मैनपुर गांव के लोगों में डर फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गांव में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और कई बार ये कुत्ते बच्चों के पीछे भाग चुके हैं। हालांकि पहले कोई गंभीर घटना नहीं हुई थी, लेकिन अब इस हादसे ने सभी को चिंता में डाल दिया है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए, ताकि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
डॉक्टर की अपील
डॉक्टरों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि डॉग बाइट के मामले में तुरंत चिकित्सा सहायता लें और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना न भूलें। साथ ही बच्चों को आवारा कुत्तों से दूर रहने की हिदायत दें।