कोण्डागांव, 7 अगस्त 2025 – कोण्डागांव नगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भाजपा के पार्षद और नेता हर्षवीर ढिल्लन पर अपनी ही बुजुर्ग नानी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के वरिष्ठ नेता तरसेम सिंह गिल की पत्नी रणजीत कौर हैं, जो अपने बेटे के साथ कोतवाली थाने पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी। ( BJP councilor Harshveer accused of beating grandmother, FIR registered – Major incident in Kondagaon )
पीड़ित बुजुर्ग महिला का आरोप है कि संपत्ति को लेकर उनके ही नाती हर्षवीर ढिल्लन ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि हाथापाई करते हुए जानलेवा हमला भी किया। घटना के बाद रणजीत कौर की हालत देख आसपास के लोग भी हैरान रह गए। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते बीच-बचाव नहीं होता, तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
कद्दावर नेता की पत्नी पर हमला, नगर में मचा हड़कंप
तरसेम सिंह गिल को कोण्डागांव की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। उनकी पत्नी पर इस तरह का हमला, वो भी खुद के ही नाती के हाथों, ने न सिर्फ स्थानीय जनता को झकझोर कर रख दिया, बल्कि यह मामला अब जन चर्चा का विषय बन गया है। कभी गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले बुजुर्ग दंपत्ति के साथ हुए इस व्यवहार पर लोग नाराजगी जता रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या फिर राजनीतिक दबाव में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
पुलिस ने लिया मामला संज्ञान, भाजपा पार्षद के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
कोण्डागांव सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी तामेश्वर चौहान ने बताया कि बुजुर्ग महिला के बेटे गुरजिंदर सिंह गिल द्वारा लिखित शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में साफ तौर पर बताया गया है कि उनकी मां रणजीत कौर के साथ मारपीट और गाली-गलौच की गई। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनता ने जताई चिंता, कार्रवाई की कर रहे मांग
इस पूरी घटना के बाद कोण्डागांव की जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग खुलकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सवाल उठा रहे हैं कि जब खुद एक बुजुर्ग महिला, वो भी एक वरिष्ठ नेता की पत्नी, सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी? कई लोगों ने यह भी कहा कि भाजपा जैसी बड़ी पार्टी से जुड़े पार्षद के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसा कदम कोई दोबारा न उठाए।
वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह पूरा विवाद पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बुजुर्ग महिला को अपमानित किया जाए या शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया जाए।
राजनीतिक गलियारों में हलचल, प्रशासन की भूमिका पर नजर
यह मामला अब सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा पार्षद पर एफआईआर दर्ज होने के बाद विपक्षी दलों को भी सरकार और पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। क्या आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी होगी या फिर मामले को दबा दिया जाएगा – यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।