मथुरा/जैंत। थाना जैंत क्षेत्र के गांव खुशिपुरा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने खुद को आग लगा ली। जानकारी के मुताबिक, सत्यवान नाम के बुजुर्ग का अपने ही परिवार के सदस्यों से ग्राम समाज की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। वर्षों से प्रशासन से न्याय की गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो शुक्रवार को वह खुद को आग के हवाले कर बैठे। (Mathura: Elderly man set himself on fire in land dispute, was angry with the revenue team’s measurement)
बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची थी और जमीन की नाप-तौल की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन सत्यवान इस नाप-तौल से संतुष्ट नहीं थे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सत्यवान अचानक अपने पास रखा ज्वलनशील पदार्थ निकालकर खुद पर डाल लिया और आग लगा ली। यह घटना राजस्व अधिकारियों की आंखों के सामने हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया और गंभीर रूप से झुलसे सत्यवान को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया, क्योंकि उनकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।
घटना की जानकारी जैसे ही जिले के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिला अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने प्रथम दृष्टया लापरवाही के लिए ग्राम लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
चंद्रप्रकाश सिंह, जिला अधिकारी, मथुरा
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमने तत्काल लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया है। जांच के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर पीड़ित को न्याय मिलेगा।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि सत्यवान पिछले कई महीनों से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज़ को नजरअंदाज़ किया जा रहा था। गांव के ही कुछ लोगों का कहना है कि यह घटना प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है।
इस पूरे मामले ने मथुरा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार पारदर्शिता और जनहित की बात करती है, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर पीड़ितों को न्याय तक नहीं मिल पा रहा। सवाल ये उठता है कि क्या आम आदमी को अपनी बात रखने के लिए अब इस हद तक जाना पड़ेगा?
फिलहाल सत्यवान की हालत नाजुक बनी हुई है और आगरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और राजस्व विभाग के अधिकारी भी रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।