जितेंद्र साहू धमतरी, जिले के कलेक्टर अभिनाश मिश्रा का अंदाज इस बार कुछ अलग ही नजर आया। उन्होंने अपने दौरे के दौरान जब अचानक दुगली और सिंगपुर के बालक आश्रम का निरीक्षण किया, तो बच्चों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कलेक्टर ने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि उन्हें टॉफियां भी बांटी और पढ़ाई-लिखाई, खेलकूद व रहन-सहन की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। (Dhamtari Collector did a surprise inspection of Bal Ashram, interacted with children and distributed toffees)
कलेक्टर का यह निरीक्षण औचक था, लेकिन उनकी मौजूदगी बच्चों के लिए किसी खास मेहमान से कम नहीं लगी। आश्रम में दाखिल होते ही उन्होंने बच्चों से घुल-मिलकर बातचीत शुरू की और पूछा कि उन्हें पढ़ाई, खेलकूद, खाना और रहने की व्यवस्था कैसी मिल रही है। बच्चों ने भी पूरी आत्मीयता से अपनी बात रखी।
रहने-सहने की व्यवस्था देख हुए संतुष्ट
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के निवास कक्ष, रसोईघर, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि हर खिड़की में मॉस्किटो नेट लगी हुई है, जिससे बच्चों को कीट-पतंगों से सुरक्षा मिल रही है। इस व्यवस्था पर संतोष जताते हुए उन्होंने कर्मचारियों की तारीफ की और निर्देश दिए कि साफ-सफाई व जल आपूर्ति की सुविधा सतत और नियमित रूप से बनी रहनी चाहिए।
पढ़ाई में लिया बच्चों का छोटा टेस्ट, पहाड़े सुनकर खुश हुए कलेक्टर
कलेक्टर मिश्रा ने बच्चों से बातचीत के दौरान पढ़ाई का भी जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से 13 और 17 के पहाड़े सुनाने को कहा। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए, जिसे सुनकर कलेक्टर खुश हो गए। इसके साथ ही उन्होंने आठवीं कक्षा के बच्चों से अंग्रेज़ी में अपने पिता का नाम बताने को कहा, जिसमें बच्चों ने बिना हिचक अच्छी तरह जवाब दिया।
बच्चों ने बताया कि उन्हें खेलकूद के लिए उनकी रुचि के अनुसार खेल सामग्री समय-समय पर दी जाती है, जिससे वे पढ़ाई के साथ खेल में भी बराबरी से भाग लेते हैं।
अंग्रेज़ी और संवाद कला पर विशेष जोर
कलेक्टर ने आश्रम अधीक्षक को निर्देश दिए कि बच्चों को अंग्रेजी की बेसिक जानकारी सिखाई जाए और उन्हें छोटी-छोटी स्पीच तैयार करने की आदत भी डाली जाए। उन्होंने कहा कि आश्रमों में बच्चों को भाषण कला, संवाद शैली और प्रेरणादायक गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि उनका आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास बेहतर हो।
टॉफी पाकर बच्चों के चेहरे खिले
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने बच्चों को टॉफियां बांटीं, जिसे पाकर सभी बच्चे बेहद खुश हो गए। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि इस मुलाकात ने उनके दिन को खास बना दिया। आश्रम स्टाफ ने भी कलेक्टर की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की मुलाकातें बच्चों में आत्मविश्वास और प्रेरणा दोनों बढ़ाती हैं।