कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए विकासखंड स्तरीय आकलन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 6 अगस्त को विकासखंड स्रोत समन्वयक कार्यालय, बड़ेराजपुर में आयोजित किया गया, जो समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मिशन संचालक के निर्देश पर हुआ।
शिविर का मुख्य उद्देश्य विकासखंड के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों का मेडिकल बोर्ड के माध्यम से आकलन करना था। शिविर में कुल 71 बच्चों का पंजीयन हुआ, जिसमें से 39 बच्चों को जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी किए गए और 7 बच्चों को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल कोण्डागांव रेफर किया गया।
मेडिकल बोर्ड ने की गहन जांच
शिविर के दौरान मेडिकल बोर्ड ने बच्चों का शारीरिक, मानसिक और संवादात्मक स्थिति के आधार पर गहन जांच की। डॉक्टरों की टीम ने बच्चों के लिए सर्जरी, स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी जैसी चिकित्सा सेवाओं की पहचान की। कई बच्चों को सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, हियरिंग एड आदि की भी जरूरत पाई गई, जिन्हें चिन्हित कर उपकरण प्रदान किए गए।
बच्चों और पालकों के लिए भोजन व्यवस्था भी रही
शिविर में आए बच्चों और उनके साथ आए पालकों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन को इस तरह से किया गया कि हर बच्चे और अभिभावक को संपूर्ण सहयोग मिल सके।
विशेषज्ञों की रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिले के कई चिकित्सकों और विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही। जिला मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर प्रतीक चौधरी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. ख्याति साक्षी, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मधु बघेल, इंस्ट्रक्टर डॉ. करुणा मेश्राम, नेत्र सहायक दिनेश कुमार साहू और महावीर मरकाम, ऑडियोमेट्रिक विशेषज्ञ संकल्प लोनहरे सहित अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।
प्रशासनिक और शैक्षणिक अधिकारियों का मिला सहयोग
इस सफल आयोजन में जिला कलेक्टर श्रीमती नूपुर पन्ना, जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान, जिला मिशन समन्वयक ईमल बघेल, सहायक परियोजना अधिकारी एसआर मरावी, खंड शिक्षा अधिकारी केएस पोया, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी एस. ठाकुर, खंड स्रोत समन्वयक एसआर यादव, बीआरपी प्रेमलाल यादव और मनोज कुशवाहा, समावेशी शिक्षा की बीआरपी श्रीमती भुनेश्वरी उइके, लेखपाल धीरेन्द्र यादव, अटेंडर सरादू मरकाम सहित समस्त संकुल समन्वयकों का भी योगदान रहा।
पंजीयन कार्य में रहा शिक्षकों का योगदान
शिविर के दौरान बच्चों का पंजीयन करने में शिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रीमती सुषमा ठाकुर, सुश्री रामिन जुर्री, राकेश मरकाम, पुनेश्वर सिन्हा और महेंद्र दीवान जैसे शिक्षकों ने इस कार्य में सक्रिय सहयोग दिया।