करेली। बरमान-हिरनपुर रोड पर हुई चैन स्नेचिंग की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूटा गया सोने का मंगलसूत्र और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की गई है। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि गोटेगांव के एक ज्वेलरी व्यापारी पर भी केस दर्ज किया गया है क्योंकि उसने चोरी का माल खरीदा था। (Barman chain snatching case solved: Two accused arrested, case filed against Gotegaon businessman too | Narsinghpur Police)
यह घटना बरमान-हिरनपुर रोड पर हुई थी। एक महिला अपनी बाइक से जा रही थीं, तभी पीछे से दो बाइक सवारों ने उनका पीछा किया और गले से लगभग 70 हजार रुपये का सोने का मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए। महिला की शिकायत पर सुआतला थाने में अपराध क्रमांक 346/2025 के तहत धारा 304 (2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। चौकी बरमान की पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी ने खोला राज
पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि आरोपियों का कोई सुराग नहीं था। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। उन्होंने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। बरमान से लेकर लिंगा, करेली और नरसिंहपुर तक के फुटेज देखे गए। आखिरकार, सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनसे आरोपियों की पहचान करना आसान हो गया।
कौन हैं आरोपी?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की:
गोविंद उर्फ गुप्पा साहू (उम्र 25 साल), निवासी बहोरीपार, थाना स्टेशनगंज। विनय ठाकुर (उम्र 23 साल), निवासी बहोरीपार, थाना स्टेशनगंज। दोनों आरोपी नरसिंहपुर जिले के बहोरीपार गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने गहन छानबीन और पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गोटेगांव के ज्वेलरी व्यापारी की भी मिलीभगत
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लूटा हुआ मंगलसूत्र का लॉकेट उन्होंने गोटेगांव के अलंकार ज्वेलर्स के मालिक मनीष सोनी को बेचा था। पुलिस ने तत्काल गोटेगांव पहुंचकर मनीष सोनी (उम्र 54 वर्ष) से पूछताछ की। मनीष सोनी ने चोरी का माल खरीदने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी मनीष सोनी को भी धारा 317 (2) बीएनएस के तहत आरोपी बनाया और उससे मंगलसूत्र का लॉकेट बरामद किया।
पुलिस टीम की हुई सराहना
इस पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस की टीम ने शानदार काम किया। आरोपियों को गिरफ्तार करने और चोरी का माल बरामद करने में चौकी प्रभारी बरमान, उनि आशीष वोपचे, प्रधान आरक्षक रंजीत पटेल, प्रधान आरक्षक रामशरण उपाध्याय, आरक्षक आशीष पटेल, आरक्षक हसन रजा, आरक्षक संतोष शर्मा, ग्राम समिति सदस्य पवन नोरिया और साइबर सेल के आरक्षक हेमंत की अहम भूमिका रही। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।