Balrampur, Chhattisgarh | ग्राम पंचायत गोपातू के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। गांव के लोगों ने पंचायत सचिव ओमप्रकाश यादव पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक लिखित आवेदन सौंपा है, जिसमें सचिव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ओमप्रकाश यादव लंबे समय से गांव में ठीक से उपस्थित नहीं रहते हैं और पंचायत से जुड़ी जिम्मेदारियों का भी ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सचिव की इस लापरवाही के चलते गांव के विकास कार्य रुक गए हैं और कई जरूरी योजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
चोरी के बाद भी नहीं हुई बैठक, लोग बोले – ये तो हद है
ग्रामवासियों ने बताया कि 15 और 16 जुलाई की रात को गांव में चोरी की एक बड़ी घटना हुई थी, लेकिन सचिव ने आज तक न तो किसी ग्रामीण से संपर्क किया और न ही गांव में कोई बैठक बुलाकर जरूरी कदम उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि चोरी जैसी घटना के बाद पंचायत स्तर पर चर्चा और कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन सचिव की गैरमौजूदगी और उदासीनता से लोगों में असंतोष है।
ग्रामीणों ने लगाए ये मुख्य आरोप
पंचायत की बैठकें नहीं होतीं: गांव में पंचायत की नियमित बैठकें नहीं कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याएं सामने नहीं आ पा रही हैं।
अधूरे कार्यों का भुगतान: पंचायत में चारदीवारी और पानी टंकी का निर्माण अधूरा है, लेकिन फिर भी सचिव द्वारा इन कार्यों के भुगतान की अनुशंसा की गई है।
सरकारी योजनाओं में लापरवाही: स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं में भी बेहद लापरवाही बरती गई है। कई पात्र लोग अब भी योजनाओं से वंचित हैं।
पंचायत भवन का कार्य रुका: पंचायत भवन निर्माण बिना किसी सूचना के बंद पड़ा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही है।
ग्राम सभा नहीं कराई गई: वर्ष 2025 में अब तक एक भी ग्राम सभा नहीं कराई गई, जबकि यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है।
बिना सूचना के गांव से बाहर रहते हैं: सचिव जब-तब बिना बताये ही गांव से बाहर चले जाते हैं और गांव में उपस्थित नहीं रहते।
गांव के विकास पर पड़ा असर
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव की लापरवाही की वजह से गांव का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। कई विकास कार्य रुके हुए हैं और जो शुरू हुए भी हैं, वे या तो अधूरे हैं या गुणवत्ताहीन। लोगों का कहना है कि सचिव की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली से ना सिर्फ शासन की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं बल्कि गांव के लोगों का भरोसा भी टूट रहा है।
जिला प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामवासियों ने जनपद पंचायत के सीईओ से सचिव को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। गांव के लोगों ने साफ कहा है कि अब उन्हें एक जिम्मेदार और सक्रिय सचिव चाहिए, जो पंचायत के कार्यों को गंभीरता से ले और गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाए।