Emotional moment with Divyang children: छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने Bijapur जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुँचकर विभागीय संस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उनका यह दौरा न केवल योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने का माध्यम बना, बल्कि बच्चों, महिलाओं और विशेष जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी रहा।
बालक-बालिका गृह का निरीक्षण, बच्चों से आत्मीय संवाद
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बीजापुर स्थित बालक गृह (टुमोरोज फाउंडेशन) और जिला बालिका गृह का निरीक्षण किया। वहां रह रहे बच्चों से उन्होंने आत्मीय बातचीत की और उनकी दिनचर्या, पढ़ाई, स्वास्थ्य और मनोरंजन जैसी बातों पर जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बच्चों को डिजिटल लर्निंग, ट्यूशन और शिक्षण सामग्री जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
बालिका गृह में रह रही एक दिव्यांग बच्ची की विशेष जरूरत को समझते हुए मंत्री जी ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि उसे कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया जाए, जिससे वह शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ सके।
सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं के लिए सेवाओं का मूल्यांकन
मंत्री राजवाड़े ने सखी वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया, जहां महिलाओं को सुरक्षा, काउंसलिंग, चिकित्सा, विधिक सहायता और आश्रय जैसी सेवाएं दी जा रही हैं। उन्हें जानकारी दी गई कि प्रतिमाह औसतन 12 से 20 केस आते हैं। कुछ मामलों में एफआईआर भी कराई जाती है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं के साथ पूरी संवेदनशीलता और सम्मान से व्यवहार किया जाए।
दिव्यांग बच्चों के साथ भावनात्मक पल: समर्थ विद्यालय का दौरा
बीजापुर एजुकेशन सिटी में स्थित समर्थ विद्यालय के भ्रमण को मंत्री जी ने बेहद भावुक अनुभव बताया। यहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों के संवेदी कक्ष और पुनर्वास केंद्र की सुविधाओं को देखा। बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य ने उन्हें भावविभोर कर दिया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई और उनके सपनों पर चर्चा की और उन्हें फल और चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया।
प्रशासनिक अधिकारियों से हुई चर्चा
इस मौके पर जिला कलेक्टर संबित मिश्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पी.एल. एल्मा, एसपी डॉ. जितेंद्र यादव, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्री महोदया को जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और आगे की कार्ययोजना के लिए मार्गदर्शन लिया।
नशामुक्ति केंद्र का दौरा: जीवन को दिशा देने की सीख
मंत्री राजवाड़े ने नशामुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां इलाजरत व्यक्तियों से बातचीत की। उन्होंने जीवन की महत्ता समझाते हुए कहा कि नशा छोड़कर परिवार के साथ गरिमामयी जीवन जीना ही असली पुनर्वास है। उन्होंने चिकित्सकीय और मानसिक परामर्श सेवाओं की सराहना की और ज़रूरतमंदों के लिए विशेष सहयोग का आश्वासन भी दिया।