silwani assembly के अंतर्गत आने वाले ग्राम चीचोली से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने ग्राम विकास के तमाम दावों की पोल खोल दी है। यहां एक ग्रामीण की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए कोई पक्का रास्ता न होने के चलते परिजन और गांववाले मृतक को जंगल में ले जाने को मजबूर हो गए, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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यह मामला ग्राम चीचोली के निवासी विश्राम सिंह आदिवासी की मौत से जुड़ा है। बुधवार शाम को उनके निधन के बाद गुरुवार को परिजन शव यात्रा के साथ गांव के मुक्तिधाम की ओर रवाना हुए, लेकिन बारिश और बदहाल कच्चे रास्ते की वजह से वहां तक पहुंचना नामुमकिन हो गया। कीचड़ और घुटनों तक दलदल से परेशान होकर ग्रामीणों ने जंगल में जाकर अंतिम संस्कार किया।
रास्ता नहीं, जगह भी नहीं
मृतक के बेटे हरभजन सिंह ने बताया कि मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों से भरा हुआ है। बारिश के समय तो हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुक्तिधाम में बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पारंपरिक ‘फैरा’ लगाने के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है। ऐसे में अंतिम संस्कार करना हर बार ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
केंद्रीय मंत्री का क्षेत्र, फिर भी बदहाली
चीचोली ग्राम, जो कि सिलवानी विधानसभा का हिस्सा है, वह क्षेत्र रहा है पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का। बावजूद इसके यहां मुक्तिधाम जैसे जरूरी स्थल की दुर्दशा देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन गांवों से पूरे प्रदेश की राजनीति की दिशा तय होती है, वहां के लोग अगर मरने के बाद भी सम्मानपूर्वक विदा न हो पाएं, तो यह एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
सिर्फ चीचोली नहीं, कई गांवों की स्थिति एक जैसी
गांव वालों ने बताया कि सिर्फ चीचोली ही नहीं, बल्कि तहसील के अन्य ग्रामों में भी मुक्तिधामों की हालत खराब है। न तो वहां पक्की सड़कें हैं, न ही बैठने के शेड या फैरा करने की जगह। हर बार अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले ग्रामीणों को गर्मी, सर्दी या बारिश के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बरसात के बाद होगा निर्माण – सचिव
ग्राम पंचायत चीचोली के सचिव सीबी चौबे ने कहा कि “बरसात के बाद मुक्तिधाम तक जाने वाले मार्ग और पुलिया के निर्माण के लिए प्रशासन से राशि की मांग की जाएगी। जैसे ही फंड स्वीकृत होगा, निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।”