Kondagaon (Chhattisgarh). पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिले में एक नई जागरूकता देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग, कोण्डागांव के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने 31 जुलाई 2025 को ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत सामूहिक रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इस अवसर पर जिला आबकारी अधिकारी डिगेश कुमार देवांगन की अगुआई में कर्मचारियों ने जिले के विभिन्न आबकारी केंद्रों में फलदार और छायादार पौधे रोपे। हर कर्मचारी को एक-एक पौधा सौंपा गया, जिसे उन्होंने खुद लगाया और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वयं ली।
पेड़-पौधे जीवन का आधार: जिला आबकारी अधिकारी
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान डिगेश कुमार देवांगन ने सभी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा –”जैसे हमें सांस लेने के लिए हवा की जरूरत होती है, वैसे ही पेड़-पौधे हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं। यह न केवल हमें ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि पर्यावरण को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को कम से कम दो पौधे लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक बेहतर पर्यावरण छोड़ सकें। उनका संदेश था कि यदि हम प्रकृति को सम्मान देंगे, तभी वह हमें जीवन देने का माध्यम बनेगी।
वृक्षारोपण का संदेश लेकर मोरजध्वज साहू ने दिलाई जागरूकता
इस मौके पर आबकारी उप निरीक्षक मोरजध्वज साहू ने भी उपस्थितों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वृक्षों की कटाई तेजी से बढ़ रही है, जिससे मानव जीवन के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है।
“वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से न केवल जलवायु परिवर्तन हो रहा है, बल्कि इससे वर्षा चक्र भी गड़बड़ा गया है। ऐसे में हर व्यक्ति को आगे बढ़कर पौधारोपण करना चाहिए ताकि धरती पर हरियाली बनी रहे और जीवन सुरक्षित हो सके,” उन्होंने कहा।
इन अधिकारियों-कर्मचारियों ने निभाई अपनी हरियाली की ज़िम्मेदारी
इस पौधारोपण अभियान में आबकारी विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
हरेन्द्र सिंह ठाकुर
निर्मल कुमार दुग्गा
कैलाश प्रसाद पाण्डे
नंदकिशोर बघेल
अशोक मण्डावी
सुरेश यादव
तरुण सेठिया विनय बघेल
विख्यात देवांगन
समदू बघेल
गजेन्द्र कार्राम
सदाराम,
प्रदीप,
सोहनलाल,
और मंजीत
शामिल थे। सभी ने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि यह संकल्प भी लिया कि वे इन पौधों की देखभाल करेंगे और दूसरों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल
कोण्डागांव जिले में चल रहा यह ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने और उसे संरक्षित करने का भावनात्मक प्रयास है। इस अभियान के तहत अधिकारी अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाते हैं, जिससे इसका भावनात्मक जुड़ाव और भी गहरा हो जाता है। यह पहल लोगों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है।
छत्तीसगढ़ में चल रहा है यह पर्यावरणीय आंदोलन
गौरतलब है कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत सरकारी विभागों, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और आम लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का पहला संस्करण 2023 में शुरू हुआ था, और अब यह 2.0 संस्करण के रूप में व्यापक रूप से क्रियान्वित हो रहा है।
पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी ज़रूरी
कार्यक्रम के दौरान यह भी बार-बार दोहराया गया कि सिर्फ पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल और नियमित पानी, खाद देना भी उतना ही जरूरी है। तभी वह पौधा एक दिन बड़ा होकर छाया देगा, फल देगा और पर्यावरण को संजीवनी देगा।