नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से मुलाकात की। इस सौजन्य भेंट के दौरान रात्रि भोज का आयोजन किया गया, जहां राज्य और देश से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। यह मुलाकात न सिर्फ सौहार्दपूर्ण रही, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाली भी साबित हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “राज्य के विकास में आप सभी जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद अहम है। आप लोगों की मेहनत और दिल्ली में लगातार उपस्थिति से छत्तीसगढ़ की आवाज़ राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठती है।”
राज्य की नीतियों और योजनाओं पर हुई चर्चा
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण की रणनीति, युवाओं के लिए उभरते अवसर और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।
साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में तेज़ी से बदलाव हो रहा है। अब वहां स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं पहुंच रही हैं। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों का भरोसा शासन पर बढ़ा है, बल्कि मुख्यधारा से जुड़ने की भावना भी मज़बूत हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री और सांसदों की इस बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे बदलावों की भी चर्चा हुई। सभी ने एकमत से माना कि बीते कुछ वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंची हैं और आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
सांसदों ने साझा किया फीडबैक
इस बैठक में सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ा फीडबैक भी साझा किया। उन्होंने बताया कि किन योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है और किन क्षेत्रों में अब भी ध्यान देने की जरूरत है। यह चर्चा काफी सकारात्मक रही और इसमें राज्य के समग्र विकास की भावना स्पष्ट रूप से दिखी।
सांसदों ने यह भी सुझाव दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर निगरानी और संवाद को और मज़बूत करने की जरूरत है।
जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जुड़ रहा दिल्ली और छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के सांसदों की सक्रिय भूमिका से राज्य के मुद्दे बेहतर ढंग से सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय से योजनाएं और भी प्रभावी बनती हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार सभी सांसदों के सुझावों पर गंभीरता से काम करेगी।
राजनीति से परे, राज्य हित की चर्चा
यह मुलाकात केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं रही, बल्कि इसमें राज्य हित को सर्वोपरि रखा गया। चाहे वह औद्योगिक विकास हो, शिक्षा या स्वास्थ्य, मुख्यमंत्री और सांसदों के बीच हर मुद्दे पर खुलकर संवाद हुआ। यह बैठक छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी नीतिगत फैसलों का आधार भी बन सकती है।