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UP में पिछड़े वर्ग के छात्रों को बड़ी सौगात: 10 हॉस्टलों के लिए 4.99 करोड़ मंज़ूर, बेहतर सुविधाओं का मिलेगा लाभ!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के 10 छात्रावासों के अनुरक्षण के लिए 4.99 करोड़ रुपये मंज़ूर हुए. छात्रों को मिलेंगी बेहतर आवासीय सुविधाएँ.

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उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर है! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खास निर्देश पर, अब उन्हें बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधाएँ मिलेंगी. सरकार ने 9 जिलों में चल रहे 10 छात्रावासों (हॉस्टलों) की मरम्मत और रखरखाव के लिए 4 करोड़ 99 लाख 33 हज़ार रुपये (लगभग 4.99 करोड़ रुपये) मंज़ूर किए हैं.

यह पैसा “पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुरक्षण योजना” के तहत लगाया जाएगा, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में चलेगी. इसका सीधा मतलब है कि अब इन हॉस्टलों में रहने वाले हज़ारों छात्रों का जीवन और पढ़ाई का माहौल बेहतर होने वाला है.

क्या-क्या बदलेगा इन हॉस्टलों में?
मंगलवार को इस खुशखबरी का ऐलान खुद पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने किया. उन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद छात्रों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण देना है.

इस बड़े बजट से हॉस्टलों में कई सुधार होंगे, जैसे:

भवनों की मरम्मत: पुरानी और टूटी-फूटी दीवारों को ठीक किया जाएगा.

रंगाई-पुताई: हॉस्टलों को नया और आकर्षक लुक मिलेगा.

बिजली व्यवस्था: बिजली के तारों और फिटिंग को सुधारा जाएगा ताकि कोई दिक्कत न हो.

पेयजल आपूर्ति: पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था की जाएगी.

शौचालयों की दशा सुधार: टॉयलेट को साफ-सुथरा और उपयोग के लायक बनाया जाएगा.

नालियों की मरम्मत: जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नालियों को ठीक किया जाएगा.

अन्य बुनियादी सुविधाएँ: छात्रों की ज़रूरत की हर छोटी-बड़ी सुविधा पर ध्यान दिया जाएगा.

किन ज़िलों के छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा?
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने उन 9 ज़िलों के नाम भी बताए जहां के 10 हॉस्टलों में यह काम होगा. इनमें शामिल हैं:

लखनऊ

प्रयागराज

बहराइच

गोंडा

महोबा

हमीरपुर

मुरादाबाद

मेरठ

संतरविदासनगर

इन ज़िलों के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को इस पहल से सीधा लाभ मिलेगा. यह दिखाता है कि सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों में भी शिक्षा और सुविधाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है.

काम की गुणवत्ता पर रहेगी पैनी नज़र!
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि काम में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे. इसके लिए एक खास निगरानी समिति बनाई जाएगी जो काम की क्वालिटी पर लगातार नज़र रखेगी.
काम पूरा होने पर भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) भी किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ सही तरीके से हुआ है।

साथ ही, संबंधित ज़िलों के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और हॉस्टलों के प्रबंधक या प्रिंसिपल को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर साइट का निरीक्षण करें और काम की प्रगति व गुणवत्ता की रिपोर्ट सरकार को भेजते रहें.

शिक्षा की गुणवत्ता में आएगा सुधार, बढ़ेगा छात्रों का आत्मविश्वास
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक सुविधाएँ देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उनका मानना है कि हॉस्टलों का यह रखरखाव केवल इमारतों को ठीक नहीं करेगा, बल्कि यह शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा और छात्रों के जीवन में आत्मविश्वास और गरिमा बढ़ाएगा. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

इन संस्थानों में होगा अनुरक्षण कार्य और खर्च:
यहां उन संस्थानों की सूची दी गई है जहां अनुरक्षण कार्य किया जाएगा और उनके लिए मंज़ूर की गई राशि भी बताई गई है:

प्रयागराज के इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, डीम्ड यूनिवर्सिटी को अपने हॉस्टल को बेहतर बनाने के लिए 44.80 लाख रुपये मिलेंगे
राजकीय पॉलिटेक्निक, हण्डिया, प्रयागराज – 50.78 लाख रुपये
वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महोबा – 67.09 लाख रुपये
राजकीय इंटर कॉलेज, हमीरपुर – 61.33 लाख रुपये
लालबहादुर शास्त्री महाविद्यालय, गोंडा – 47.54 लाख रुपये
सर्वोदय इंटर कॉलेज, मिहीपुरवा, बहराइच – 38.60 लाख रुपये
राजकीय केजीके होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद – 38.46 लाख रुपये
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, लखनऊ – 46.77 लाख रुपये
फैज-ए-आम इंटर कॉलेज, मेरठ – 79.96 लाख रुपये
कुल अनुमोदित लागत – 499.33 लाख रुपये
संत रविदास नगर के ज्ञानपुर में स्थित काशीनरेश राजकीय महाविद्यालय को भी हॉस्टल के सुधार के लिए 24 लाख रुपये मिलेंगे।

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अजय सिंह चौहान लखनऊ

अजय सिंह चौहान – एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार अजय सिंह चौहान लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी एक वरिष्ठ और सम्मानित पत्रकार हैं, जिन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में पिछले ढाई दशकों से उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्ष 2009 में उन्होंने आगरा से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे निरंतर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे और उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में लखनऊ जिले के संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपने 25 वर्षों के व्यापक अनुभव के दौरान अजय सिंह चौहान ने जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग, जनहित से जुड़े मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों को मजबूती से उठाया। उन्होंने पत्रकारिता को केवल एक पेशा न मानकर, समाज सेवा का सशक्त माध्यम माना और हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक व जनपक्षधर लेखन को प्राथमिकता दी। वर्तमान में अजय सिंह चौहान मध्य प्रदेश के प्रमुख हिन्दी दैनिक स्वदेश के लखनऊ संस्करण में ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें न केवल एक कुशल पत्रकार, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बना दिया है।

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