रायपुर । छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों की कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में सोमवार को नवा रायपुर के एक निजी होटल में केंद्र सरकार की क्षमता विकास आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के बीच मिशन कर्मयोगी योजना के तहत महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ।
इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव और प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू और आयोग की ओर से सदस्य सचिव श्रीमती वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है, जिससे देश के हर सरकारी कर्मचारी में ‘कर्मयोगी’ की भावना विकसित होगी।”
चार लाख कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मिशन कर्मयोगी के तहत छत्तीसगढ़ में करीब चार लाख सरकारी कर्मचारियों को सतत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है और अब तक 50 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण ले चुके हैं। यह प्रशिक्षण डिजिटल और फेस-टू-फेस माध्यमों से दिया जा रहा है ताकि अधिकारी नई तकनीकों और नीतियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
बदलते दौर में प्रशासनिक सुधार की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि समय और तकनीक के बदलाव के साथ अब सरकारी तंत्र को भी लगातार अपडेट करना जरूरी है। “यह एमओयू छत्तीसगढ़ में प्रभावशाली प्रशासन और पारदर्शी शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू कर आम जनता तक पहुंचाना है।
मिशन कर्मयोगी में कर्मचारियों को नागरिकों के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई प्रशिक्षण पद्धतियां भी अपनाई जाएंगी, ताकि प्रशासन की गुणवत्ता में सुधार हो।
मिशन कर्मयोगी से होंगे ये फायदे
कर्मचारियों की कार्यकुशलता में बढ़ोतरी
नीति-निर्माण और सेवा वितरण में सुधार
आम जनता को बेहतर सेवाएं
शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही
नवाचार और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
सरकार की पूरी प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूरी निष्ठा के साथ लागू किया जाएगा। “राज्य सरकार हर स्तर पर इस मिशन के प्रभाव को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहेंगे कि प्रदेश का हर लोक सेवक अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी और कौशल के साथ निभाए।”
इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर क्षमता विकास आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी के सीईओ राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मिशन कर्मयोगी योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने जो पहल की है, वह राज्य में प्रशासनिक क्षमता को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जनता को भी सीधे इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता और इस साझेदारी की सफलता से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना एक कदम और करीब आएगा।