रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के पोस्टर का अनावरण किया और इसे एक प्रेरणादायक व पुनीत कार्य बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “गौसेवा हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह सिर्फ आध्यात्मिक लाभ ही नहीं देती, बल्कि पर्यावरण संतुलन और जनस्वास्थ्य में भी अहम भूमिका निभाती है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस बार अभियान में घर-घर किचन गार्डन के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जो लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ी पहल है।
4 नवंबर को होगी गौ विज्ञान परीक्षा, लाखों विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी ने मुख्यमंत्री को अभियान की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 4 नवंबर 2025 को पूरे प्रदेश में गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा का मकसद युवाओं और आम लोगों को गौवंश के वैज्ञानिक, पारंपरिक और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करना है।
परीक्षा के ज़रिए यह संदेश दिया जाएगा कि गाय सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि वह पर्यावरण संतुलन, ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भी अहम योगदान देती है। इसके साथ ही पंचगव्य जैसे गौ-उत्पादों के वैज्ञानिक पहलुओं को भी इस परीक्षा के माध्यम से जनसामान्य तक पहुँचाया जाएगा।
तीन श्रेणियों में होगी परीक्षा, मिलेगा आकर्षक इनाम
इस परीक्षा को तीन श्रेणियों में बांटा गया है –
माध्यमिक (कक्षा 9-10)
उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 11-12)
महाविद्यालय (कॉलेज स्तर)
प्रदेश स्तर पर पुरस्कार राशि इस प्रकार रहेगी:
प्रथम पुरस्कार: ₹51,000 नकद + गौमय उत्पाद किट
द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000 नकद + किट
तृतीय पुरस्कार: ₹21,000 नकद + किट
जिला स्तर पर:
प्रथम: ₹3,100
द्वितीय: ₹2,100
तृतीय: ₹1,100
सभी के साथ गौमय उत्पाद किट भी दिया जाएगा।
हर प्रतिभागी को मिलेगा गौ विज्ञान ग्रंथ और प्रमाण पत्र
परीक्षा में भाग लेने वाले हर छात्र को गौ विज्ञान से जुड़ा ग्रंथ और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इच्छुक छात्र अपनी संस्था के प्राचार्य या गौ विज्ञान प्रभारी से संपर्क कर पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन प्रक्रिया निशुल्क है और इसमें हिस्सा लेना सभी के लिए खुला है।
पिछले वर्ष एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने लिया था भाग
श्री राठी ने बताया कि पिछले वर्ष इस परीक्षा में एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था, जिससे यह अभियान बड़ी सफलता साबित हुआ। इस बार समिति ने इससे भी ज्यादा विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस शुभ अवसर पर समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इनमें प्रांत संयोजक श्री अन्ना सफारे, प्रांत उप प्रमुख श्री मनोज पांडेय, गौ ग्रंथ संपादक डॉ. अमित पांडेय समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।