विजय सिंह बलरामपुर
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित सकेतवा बांध में दरारें आ गईं, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
बांध में दरार की खबर से मचा हड़कंप
बारिश की वजह से सकेतवा बांध का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पानी का दबाव इतना ज्यादा हो गया कि बांध के मुख्य हिस्से में दरारें आ गईं। जैसे ही देर रात स्थानीय ग्रामीणों ने दरारें देखीं, उन्होंने तुरंत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, भाजपा युवा मोर्चा के वरिष्ठ नेता अंश सिंह, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
बांध की स्थिति को देखते हुए रातभर वैकल्पिक नहर (आउटलेट चैनल) खोदने का काम जारी रहा, ताकि बढ़ता हुआ पानी सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके। एसडीएम आनंद नेताम ने बताया कि हालात बेहद नाजुक हैं, इसलिए बांध के नीचे बसे गांवों – जमुआटांड, खड़ियाडामर, बुद्धडीह और डूमरखोरका – के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
अब तक 25 से ज्यादा घरों को खाली कराया जा चुका है, और बाकी इलाकों में भी अलर्ट जारी है। लोगों को सुरक्षित स्कूल और पंचायत भवनों में शिफ्ट किया गया है। राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से की जा रही है।
खतरा अभी टला नहीं, प्रशासन अलर्ट मोड में
हालांकि प्रशासन की टीम और जल संसाधन विभाग स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। यदि बारिश इसी रफ्तार से जारी रही, तो सकेतवा बांध टूटने का खतरा बना हुआ है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बांध में जो दरारें आई हैं, वो बहुत गंभीर हैं। फिलहाल बांध को अस्थायी रूप से सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार निगरानी की जा रही है और हर अपडेट पर प्रशासनिक अमला सक्रिय है।
सकेतवा बांध क्यों है अहम?
सकेतवा बांध चनान नदी के उद्गम स्थल पर बना हुआ है और यह क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और जल संग्रहण के लिए बहुत अहम माना जाता है। यह बांध सिर्फ एक जलस्रोत नहीं, बल्कि हजारों किसानों की खेती का सहारा है।
इसीलिए इस बांध में दरार आना केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट है।
जनता से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन से संपर्क करें।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बांध की मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते, तो आज ये हालात नहीं बनते। लोगों ने यह भी मांग की है कि आने वाले समय में इस तरह के बांधों की नियमित जांच और सुरक्षा समीक्षा की जाए।