रीवा (मध्यप्रदेश): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर कहा कि हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान और शान के असली पहरेदार हैं। उन्होंने कहा कि सेना का पराक्रम ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और 1999 का कारगिल युद्ध इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यह युद्ध दुश्मन की धोखेबाज़ी के खिलाफ लड़ा गया, जिसमें भारत की सेना ने अद्भुत साहस और शौर्य दिखाते हुए विजय प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सैनिक स्कूल रीवा में आयोजित कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और कारगिल युद्ध में शहीद हुए गनर छोटे लाल सिंह की पत्नी श्रीमती विद्या देवी और नायक कालू प्रसाद की पत्नी श्रीमती श्यामकली देवी को शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
“कारगिल युद्ध – वीरता की मिसाल”
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कारगिल युद्ध इतिहास का सबसे कठिन युद्ध था। दुश्मन ने धोखे से ऊँचाई वाले इलाकों में कब्जा जमाया, लेकिन हमारी सेना ने 60 दिन तक मोर्चा संभालते हुए उन्हें खदेड़ दिया। यह जीत सिर्फ सैनिकों की नहीं थी, बल्कि पूरे देश की थी। उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में जो हौसला दिखाया गया, वह आज भी प्रेरणा देता है।
“आज की सेना पहले से कहीं ज्यादा सशक्त”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है। हमारी सेना अब न सिर्फ सीमा की सुरक्षा करती है, बल्कि दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने में भी सक्षम है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी और ऑपरेशन सिंधु जैसी कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब कमजोर नहीं, बल्कि प्रतिकार करने वाला राष्ट्र है।
सैनिक स्कूल और विंध्य का गौरव
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज भारतीय थल सेना और नौसेना दोनों की कमान विन्ध्य क्षेत्र के सपूतों के हाथ में है। यह सैनिक स्कूल रीवा की देन है, जिसने राष्ट्र को ऐसे जांबाज़ नेता दिए हैं। उन्होंने स्कूल को भविष्य के सैन्य नेतृत्व की पाठशाला बताते हुए इसके योगदान की सराहना की।
वीरता के पहिए को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में भारतीय सेना की डेयर डेविल टीम ने मोटरसाइकिल पर साहसिक प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “वीरता के पहिए” नामक मोटरसाइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कई बड़े नेता और अफसर रहे मौजूद
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद जनार्दन मिश्रा, विधायक दिव्यराज सिंह, विधायक सिद्धार्थ तिवारी, विधायक नरेन्द्र प्रजापति सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी।