भोपाल, जीवन में चुनौतियाँ कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर इंसान सीखने और आगे बढ़ने का जज्बा रखे, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। यही संदेश राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिया जब वे आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाओं से राजभवन में आत्मीय मुलाकात कर रहे थे।
राजभवन के जवाहर खंड सभागार में आयोजित इस खास मुलाकात में राज्यपाल ने बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से संवाद किया, उनके संघर्षों की कहानियां सुनीं और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया।
इंदौर से भोपाल पहुंची थीं विशेष बालिकाएं
इंदौर की “आनंद सर्विस सोसायटी” की ये बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को विशेष आमंत्रण पर भोपाल स्थित राजभवन पहुंचीं थीं। राज्यपाल से सौजन्य भेंट के इस मौके पर उनकी टीम के साथ-साथ राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे।
संघर्ष और सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा
राज्यपाल पटेल ने बालिकाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा, “सीखना कभी बंद नहीं होना चाहिए। जीवन की राह में मुश्किलें आएंगी, लेकिन अगर हम ठान लें, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है।”
इस मौके पर एक प्रेरणादायक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जो मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर शासकीय सेविका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता पर आधारित थी। राज्यपाल ने फिल्म देखकर बालिकाओं को गुरदीप के जीवन से सीखने और आगे बढ़ने का संदेश दिया।
राजभवन भ्रमण का मिला खास मौका
मुलाकात के बाद सभी बालिकाओं को राजभवन परिसर और आर्ट गैलरी का भ्रमण भी कराया गया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राजभवन का यह दौरा उनके लिए यादगार रहेगा। सभी बालिकाओं ने राज्यपाल के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाया और इस आत्मीय अवसर के लिए आभार जताया।
कलाकृतियों से जताया सम्मान
इस भावनात्मक भेंट के दौरान बालिकाओं ने राज्यपाल को पुष्पगुच्छ और अपनी बनाई गई पेंटिंग्स व कलाकृतियां भेंट कीं। सुश्री दिव्या गोले, वैष्णवी और किरण विश्वकर्मा जैसी प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपनी रचनात्मकता से सबका मन मोह लिया। राज्यपाल ने इन कलाकृतियों की सराहना करते हुए बच्चियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
गुरदीप कौर की कहानी बनी प्रेरणा स्रोत
कार्यक्रम में सबसे खास रहा उस वीडियो फिल्म का प्रदर्शन, जिसमें बहुदिव्यांग शासकीय सेवक गुरदीप कौर के जीवन को दर्शाया गया था। गुरदीप न केवल एक प्रेरणादायक महिला हैं, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती हैं कि दिव्यांगता कभी भी किसी की सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।
राज्यपाल ने गुरदीप की माता श्रीमती सीमा मंजीत कौर, उनके शिक्षकों और संस्था के सदस्यों के समर्पण की प्रशंसा की।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा, गुरदीप की माताजी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने बालिकाओं की प्रतिभा, साहस और आत्मविश्वास की खुले दिल से सराहना की।