छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले को एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैंप कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि के तहत प्रदान की गई है, जो अब जिले के मनोरा क्षेत्र में मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा के लिए कार्य करेगी।
यह एम्बुलेंस आधुनिक बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम (BLS) से युक्त है, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तेजी से और सुरक्षित रूप से अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा। एम्बुलेंस सेवा जरूरत पड़ने पर पूरे जिले में उपलब्ध रहेगी और खासकर उन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में राहत पहुंचाएगी, जहां अब तक आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं सीमित थीं।
गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित होगी यह सेवा
गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना के शिकार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना जीवन बचाने में अहम होता है। इस एम्बुलेंस की मदद से जिले में त्वरित चिकित्सा परिवहन की सुविधा अब और बेहतर हो सकेगी। खास बात यह है कि यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियंत्रित की जाएगी।
सरकार की प्राथमिकता – गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इन योजनाओं से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही खास मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस नई स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत को सराहा। इस मौके पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव और कलेक्टर रोहित व्यास समेत कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी मौजूद थे। सभी ने इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक अहम कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने सभी को इस एम्बुलेंस सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि जनसहभागिता और CSR जैसे प्रयासों से ही हम प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे एक सामाजिक सेवा की मिसाल बताया।
जनता को मिली राहत की उम्मीद
गांवों में रहने वाले लोगों को अब बीमार या गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। खासकर वे क्षेत्र जहां सड़क और परिवहन की सुविधा सीमित है, वहां यह एम्बुलेंस जीवन रक्षक बनकर उभरेगी।