सरगुजा। जिले की साइबर सेल और कोतवाली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के गोरखधंधे में लिप्त दो मास्टरमाइंड सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में अमित मिश्रा उर्फ पहलू और ध्रुविल पटेल शामिल हैं, जो सुनियोजित तरीके से फर्जी खातों और दस्तावेजों का उपयोग कर करोड़ों रुपए की सट्टेबाजी कर रहे थे।
पुलिस की जांच में अब तक तीन बड़े मामलों का खुलासा हो चुका है, जिनमें से दो मामले कोतवाली थाना क्षेत्र और एक मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र से संबंधित है।
आईपीएल सट्टेबाजी का खुलासा
13 मई 2024 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग स्काई एक्सचेंज नाम की लिंक के ज़रिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खेलवा रहे हैं। सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेड मारी, जिसमें तीन सटोरियों – आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केसरी को मौके से पकड़ा गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी गुजरात टाइटन्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच चल रहे आईपीएल टी-20 मैच में लोगों को स्काई एक्सचेंज की लिंक भेजकर ऑनलाइन सट्टा खेलने और खिलाने का काम कर रहे थे।
रेड के दौरान इनके पास से 19 मोबाइल फोन, 21 एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और ₹20,100 नकद बरामद किए गए। साथ ही मोबाइल और वॉट्सऐप चैट से सट्टा लेन-देन से जुड़े कई डिजिटल सबूत भी मिले।
इनके पास से 19 मोबाइल फोन, 21 एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और ₹20,100 नकद बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि ये आरोपी सट्टा खेलने वाले लोगों के बैंक खाते, एटीएम, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लाखों-करोड़ों की रकम का लेनदेन कर रहे थे।
अमित मिश्रा का आपराधिक इतिहास
अमित मिश्रा उर्फ पहलू सरगुजा का एक जाना-पहचाना शातिर अपराधी है। उस पर 2015 से लेकर 2025 तक कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, गाली-गलौज, चोरी, धोखाधड़ी, सट्टा एक्ट और साइबर क्राइम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
इस बार की जांच में अमित मिश्रा के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, iPhone, 6 डेबिट कार्ड, 2 प्लेटिनम कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड जब्त किया गया है। वहीं ध्रुविल पटेल के पास से 9 चेक वाली चेकबुक, विभिन्न बैंक कार्ड, मोबाइल और अन्य दस्तावेज मिले।
फर्जी खातों और मोबाइल नंबरों का नेटवर्क
इस केस का दूसरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा है। रायपुर पुलिस मुख्यालय से साइबर सेल को फर्जी मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की एक लिस्ट मिली थी, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के लिए किया जा रहा था। इसी लिस्ट के आधार पर जांच की गई, जिसमें गगन अग्रवाल नाम के युवक का नाम सामने आया।
गगन ने पुलिस को बताया कि आरोपी अमित मिश्रा उर्फ पहलू ने उसे ठेकेदारी में मुंशी की नौकरी देने का झांसा दिया और इस बहाने उसका सिम कार्ड, एटीएम, पासबुक और चेकबुक ले ली। लेकिन ना तो उसे नौकरी मिली और ना ही उसके दस्तावेज वापस किए गए। पूछने पर अमित हर बार बहाना बनाता रहा।
जांच में सामने आया कि गगन के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल सट्टेबाजी और ठगी के लेनदेन में किया गया था, जिससे अमित मिश्रा द्वारा धोखाधड़ी करना साबित हुआ। पुलिस ने इसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
इस खाते में ₹64,771 का ट्रांजेक्शन हुआ जो देश के पांच राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड से लिंक पाया गया।
तीसरा मामला गांधीनगर से
तीसरा मामला थाना गांधीनगर का है, जिसमें दिल्ली से आई एक ऑनलाइन शिकायत के आधार पर दो म्यूल अकाउंट धारक रवि कुमार माझी और धीरज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खाते कुछ पैसे के बदले अमित मिश्रा को दे दिए थे, जिसने उनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी में किया।
पुलिस की सतर्कता और अगली कार्रवाई
एसएसपी सरगुजा के निर्देश पर साइबर सेल और दोनों थाना प्रभारियों की टीम ने लगातार निगरानी और छानबीन कर इस सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। फिलहाल आरोपी अमित मिश्रा और ध्रुविल पटेल को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
सक्रिय पुलिस अधिकारी
इस कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह परिहार, गांधीनगर प्रभारी प्रदीप जायसवाल, साइबर सेल के एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा और अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।