बस्तर/जगदलपुर। एक बड़ा सड़क हादसा शुक्रवार सुबह बाल-बाल टल गया, जब जगदलपुर से रायपुर जा रही एक यात्री बस राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बालेंगा गांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ, जब बस बालेंगा के पास स्थित स्कूल के नजदीक पहुंची थी। गनीमत रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज गति में थी और अचानक ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया। इसके चलते बस सड़क किनारे फिसलते हुए नीचे उतर गई। उस समय सड़क पर काफी हलचल नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। जिस जगह यह हादसा हुआ, वह मोड़दार और संकरी सड़क मानी जाती है।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
बस के सड़क से उतरते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। सभी घबरा गए और बस से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बस्तर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
बस्तर पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। यात्रियों की मदद करने के साथ ही पुलिस ने बस को हटाने और ट्रैफिक को सुचारू करने की व्यवस्था भी की। बस में करीब 35-40 यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई, केवल कुछ यात्रियों को हल्की खरोंचें लगी हैं।
बस का तकनीकी परीक्षण होगा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसा बस की ब्रेक फेल होने या ड्राइवर की लापरवाही से हुआ हो सकता है। हालांकि, बस को जब्त कर तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा गया है। परिवहन विभाग द्वारा बस की फिटनेस और ड्राइवर के लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।
यात्रियों ने जताई राहत की सांस
हादसे के बाद सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली। उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने समय पर मौके पर पहुंचकर उनकी मदद की। यात्रियों ने बताया कि घटना के समय तेज झटका लगा, लेकिन किसी तरह सभी सुरक्षित बच निकले।
स्थानीय लोगों ने की सड़क सुधार की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की हालत सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि बालेंगा के पास सड़क काफी संकरी है और मोड़ भी खतरनाक हैं, जिससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। गांव वालों ने सड़क चौड़ीकरण और बेहतर साइन बोर्ड लगाने की भी मांग की।
निष्कर्ष
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित रहे। लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सड़कों की स्थिति और वाहनों की तकनीकी जांच को कितना गंभीरता से लिया जा रहा है। समय रहते यदि सड़क सुरक्षा के उपाय अपनाए जाएं, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।