रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी पहुंचकर स्वर्गीय निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि दी। शोक सभा में शामिल होकर उन्होंने दिवंगत आत्मा को अंतिम विदाई दी और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। निखिल कश्यप वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे और बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के पुत्र थे।
मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निखिल कश्यप का असमय निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
राज्य के कई बड़े नेता भी रहे मौजूद
इस शोकसभा में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सभी ने स्व. निखिल कश्यप को एक मिलनसार और व्यवहार कुशल युवक के रूप में याद किया। जिन लोगों ने उन्हें करीब से जाना, वे उनके व्यवहार, सौम्यता और सामाजिक सरोकारों की सराहना करते रहे। उनका इस तरह असमय जाना सभी के लिए गहरा आघात लेकर आया।
जनसामान्य भी दिखे भावुक
विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा के दौरान आम नागरिकों की भी बड़ी उपस्थिति देखने को मिली। न केवल परिवार के करीबी, बल्कि निखिल कश्यप के मित्र और परिचित भी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने उनके साथ बिताए पलों को याद किया।
लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई यही कह रहा था कि निखिल एक सरल, सज्जन और मददगार व्यक्ति थे, जिनकी भरपाई अब संभव नहीं।
मुख्यमंत्री ने जताया व्यक्तिगत दुख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्तिगत तौर पर भी दुख जताते हुए कहा कि निखिल कश्यप का चला जाना बहुत ही पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि वे परिवार के इस दुःख की घड़ी में पूरी तरह साथ हैं और ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले।
मुख्यमंत्री के इस शोक संवेदना में शामिल होना यह दर्शाता है कि निखिल कश्यप न केवल एक राजनीतिक परिवार से जुड़े थे, बल्कि वे स्वयं भी लोगों के दिलों में अपनी खास जगह रखते थे। उनका व्यक्तित्व और योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।