छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खमढोड़गी (ग्राम पंचायत कोकपुर) में अब बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन (नौका विहार) की सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं। इस आकर्षक पहल का उद्घाटन कांकेर विधायक आशाराम नेताम और कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने पूजा-अर्चना और फीता काटकर किया।
इस खास मौके पर विधायक नेताम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि “कांकेर जिला प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरा है। खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना को साकार करने में जिला प्रशासन की विशेष भूमिका रही है।
जलाशय का होगा सौंदर्यीकरण, ट्रेकिंग के लिए भी बन रही योजना
विधायक नेताम ने यह भी जानकारी दी कि खमढोड़गी जलाशय के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ आसपास के पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेकिंग की सुविधा विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इस पहल को और मजबूत करने के लिए 50 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की।
उन्होंने ग्रामीणों की अनुशासनप्रियता और स्वच्छता की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। “यह सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का जरिया भी बनेगा,” उन्होंने कहा।
कलेक्टर ने कहा- बनेगा मील का पत्थर
कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि खमढोड़गी जलाशय पर्यटन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन से पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा और भविष्य में यहां ट्रेकिंग, स्टे और अन्य पर्यटन सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
मोटरबोट की सवारी और पर्यावरण का संदेश
कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने मोटरबोट की सवारी कर नौका विहार का आनंद भी लिया। इस दौरान विधायक नेताम ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। यह पहल ग्रामीणों के बीच काफी सराही गई।
सामाजिक सहभागिता भी दिखी
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, महेश जैन, ग्राम पंचायत के सरपंच-उप सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक प्रेरक और सराहनीय कदम बताया।
निष्कर्ष
खमढोड़गी जलाशय में बैम्बू राफ्टिंग और नौकायन की शुरुआत ने न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नई छवि जोड़ी है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास और पर्यावरण संरक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। आने वाले समय में यह जगह एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बन सकती है।