कांकेर जिले में हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बुधवार, 23 जुलाई को होने वाले “एक पेड़ मां के नाम- 2.0” वृहद पौधरोपण महाअभियान में अनिवार्य रूप से शामिल हों। उनका लक्ष्य है कि सभी कार्यालय परिसर हरे-भरे दिखें और जिले की हरियाली में इजाफा हो।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश: समय-सीमा में पूरे हों सभी काम
आज सुबह 10:30 बजे कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने विभिन्न लंबित और अधूरे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी काम तय समय-सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
इस बैठक में, सबसे ज्यादा जोर वृहत पौधरोपण महाअभियान पर रहा। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि यह अभियान शासन के निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है और सभी अधिकारियों की इसमें भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्हें अपने-अपने कार्यालय परिसरों को हरा-भरा बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने को कहा गया।
हरअभियान के तहत, जिले और ब्लॉक के सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ सभी पंचायतों और खाली पड़ी ज़मीनों पर बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे। इस मुहिम में जनप्रतिनिधियों और आम जनता को भी शामिल होने की अपील की जाएगी, ताकि यह एक बड़ा जन आंदोलन बन सके। कोने में लगेंगे पौधे: स्कूल, पंचायत और खाली जगहों पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने विशेष रूप से उन स्कूल और छात्रावास परिसरों पर ध्यान देने को कहा, जहाँ पेड़ों की कमी है। ऐसे स्थानों पर सघन पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पौधरोपण के लिए देशी प्रजाति के पौधों को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि वे स्थानीय जलवायु के लिए अधिक अनुकूल होते हैं और बेहतर तरीके से विकसित होते हैं। वन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा इस अभियान के लिए आवश्यक पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
ई-ऑफिस और जेम पोर्टल पर जोर: डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा कांकेर
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सभी सरकारी कामकाज संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी प्रकार के सरकारी अभिलेख और फाइल संबंधी कार्य अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के जरिए ही किए जाएंगे। यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने में मददगार साबित होगा।
इसके अलावा, सभी अधिकारियों को जेम पोर्टल (GeM Portal) के माध्यम से खरीदारी संबंधी सभी कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए गए। इससे सरकारी खरीद प्रक्रिया में और अधिक दक्षता आएगी।
छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष: कार्यक्रमों की तैयारी शुरू
कलेक्टर ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा इसे रजत जयंती वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्धारित विषयों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा विभागीय कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी कर दी गई है, जिसके तहत 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक 25 सप्ताह तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम और गतिविधियां विभागवार आयोजित की जाएंगी। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को इन तैयारियों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की समीक्षा और योजनाओं का जायजा
बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न निर्माण कार्यों की भी गहन समीक्षा की और उन्हें पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेष केंद्रीय सहायता मद 2022-23 एवं 2024-25, पोषण पुनर्वास केंद्र, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, जिले में खाद एवं बीज का वितरण, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना सहित कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों और विभागीय प्रकरणों की समीक्षा की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएफओ कांकेर श्री रौनक गोयल, अपर कलेक्टर श्री जितेंद्र कुमार कुर्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। कांकेर जिले में इन निर्देशों के साथ, विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं