रायपुर, 22 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर ने अपनी मेहनत और हौसले से साबित कर दिया है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकता। महासमुंद जिले की नवलीन ने राष्ट्रीय खेलों (नेशनल गेम्स) में तीरंदाजी के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उनकी मेहनत और क्षमता के अनुरूप पूरा सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं लगातार देशभर में पहचान बना रही हैं। नवलीन जैसी युवा खिलाड़ी हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। हम उन्हें हर संभव सहायता देंगे, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।”
नवलीन ने मुश्किलों को बनाया ताकत
नवलीन कौर की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक संघर्षशील विजेता की है। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे उन्हें शुरुआती वर्षों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। परिवार और समाज की चिंताओं को उन्होंने अपने हौसले में बदल दिया।
नवलीन बताती हैं कि शुरुआत में जब लोग उनकी तबीयत को लेकर सवाल करते थे, तो वह थोड़ी परेशान हो जाती थीं। लेकिन फिर उन्होंने तय किया कि वे खुद को एक नई पहचान देंगी – और उन्होंने खेल को अपना रास्ता बना लिया।
बिहाझर बालाश्रम से शुरू किया सफर
साल 2018 में नवलीन ने बागबाहरा के पास बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वहां से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूल के दिनों में दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मेडल जीता और एक बार नेशनल स्कूल आर्चरी चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया।
2023 में नवलीन ने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर मुकाबले में दूसरा स्थान पाया।
अब नजरें इंटरनेशनल लेवल पर
नवलीन का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। वह कंपाउंड बो से प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं और उनके परिवार ने उन्हें इसके लिए नया आधुनिक कंपाउंड धनुष भी दिलाया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी बालिका वर्ग में पहला स्थान जीतकर अपना जलवा दिखाया है।
इस समय वह कोच श्री एवन साहू और खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। दोनों प्रशिक्षकों का मानना है कि नवलीन में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की पूरी क्षमता है।
मुख्यमंत्री का संदेश: नवलीन हैं प्रेरणा की मिसाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “जब क्रिकेट के जमाने में कोई युवा खिलाड़ी तीरंदाजी जैसे पारंपरिक खेल को अपनाता है और उसमें राज्य का नाम रोशन करता है, तो यह सराहनीय है। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि अगर मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।”
राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत है कि नवोदित खिलाड़ियों को न केवल पहचान दी जाएगी, बल्कि उन्हें संसाधनों और अवसरों से भी लैस किया जाएगा।
नवलीन की कहानी से मिलती है सीख
नवलीन की कहानी आज के युवाओं को बताती है कि मुश्किल हालात भी जीत की राह में रुकावट नहीं बन सकते। दृढ़ संकल्प, माता-पिता का साथ, कोच की मेहनत और सरकारी सहयोग मिल जाए तो कोई भी खिलाड़ी ऊंचाईयों को छू सकता है।