सरगुजा, छत्तीसगढ़।अंबिकापुर में चर्च ऑफ गॉड वर्ल्ड मिशन सोसाइटी ने एक बार फिर मानवता की सेवा में एक अहम भूमिका निभाते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया। ‘फसह के प्रेम के द्वारा जीवन देने के लिए विश्व रक्तदान ड्राइव’ के तहत आयोजित इस शिविर में कुल 101 यूनिट रक्तदान किया गया, जिससे कई जिंदगियों को जीवनदान मिलने की उम्मीद है।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर में किया गया। शिविर में लगभग 250 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें चर्च के सदस्य, उनके परिवार के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल थे।
महापौर और युवा आयोग अध्यक्ष ने की सराहना
इस अवसर पर नगर निगम अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने इस नेक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि “रक्तदान जैसे कार्य समाज में जागरूकता और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं। चर्च ऑफ गॉड की यह पहल वास्तव में अनुकरणीय है।”
25850 मिलीलीटर रक्त जुटाकर दी नई उम्मीद
इस रक्तदान कार्यक्रम में कुल 25850 मिलीलीटर स्वस्थ रक्त एकत्र किया गया। डॉक्टरों और आयोजकों के अनुसार, एक व्यक्ति द्वारा किया गया पूर्ण रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि इस एक शिविर से लगभग 300 से अधिक लोगों को जीवनदान मिलने की संभावना है।
64 देशों में फैला मानवीय सेवा का अभियान
इस पहल की शुरुआत करीब 20 साल पहले दक्षिण कोरिया से हुई थी और आज यह 64 से अधिक देशों में सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। अब तक कुल 1,609 रक्तदान रिले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 3 लाख लोगों ने हिस्सा लिया और 1.28 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इससे अनुमानतः 3.80 लाख से ज्यादा लोगों को जीवनदान मिला है।
भारत में भी इस कार्यक्रम को पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में हर साल सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता है।
‘फसह’ के प्रेम से प्रेरित है यह अभियान
इस अभियान का नाम ‘फसह’ उस पवित्र दिन की याद दिलाता है जब यीशु मसीह ने अपनी मृत्यु से एक दिन पहले रोटी और दाखमधु के माध्यम से नई वाचा की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य है जीवन देना, प्रेम बांटना और सेवा के माध्यम से मसीह के बलिदान को याद करना।
चर्च ऑफ गॉड के सदस्य इस भावना को जीवंत करते हुए रक्तदान जैसे सेवाभावी कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
दुनियाभर में चर्च ऑफ गॉड की सामाजिक सेवाएं
वर्तमान में 175 देशों के 7,800 से अधिक क्षेत्रों में चर्च ऑफ गॉड सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसने अब तक 30,000 से ज्यादा सामाजिक योगदान गतिविधियों का आयोजन किया है। इसके लिए चर्च को विश्व स्तर पर 5,000 से ज्यादा पुरस्कार मिल चुके हैं।
इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति का स्वयंसेवा पुरस्कार, ब्रिटेन की महारानी का स्वयंसेवा सम्मान, पेरू का कांग्रेसनल मेडल ऑफ ऑनर, कोरिया के राष्ट्रपति पुरस्कार और भारत में राज्य स्तर पर सम्मान शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री और महाराष्ट्र के मंत्रियों ने भी चर्च की सेवाओं को सराहा है।
निष्कर्ष: जीवन बचाने का सबसे सरल तरीका—रक्तदान
चर्च ऑफ गॉड का यह रक्तदान अभियान सिर्फ एक स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि इंसानियत को जोड़ने का एक जरिया है। अंबिकापुर की यह पहल दिखाती है कि प्रेम, सेवा और सहयोग से समाज में बड़ी सकारात्मकता लाई जा सकती है