सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने विधानसभा में उठाए राशन वितरण से जुड़े अहम सवाल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने दिया जवाबरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में इन दिनों चल रहे पांच दिवसीय मानसून सत्र में जनहित से जुड़े कई मुद्दे गूंज रहे हैं। इसी कड़ी में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने क्षेत्र के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से संबंधित अहम सवालों को सदन में जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल से सीतापुर क्षेत्र के राशनकार्डधारियों की स्थिति और खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया से जुड़ी कई जानकारियां मांगीं।
जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 तक राशनकार्डधारियों का ब्योरा मांगा गया
टोप्पो ने तारांकित प्रश्न के जरिए पूछा कि जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 तक सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में कितने और किस प्रकार के राशन कार्डधारी हैं? साथ ही उन्होंने यह जानकारी ब्लॉकवार देने की मांग भी की। इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि पीडीएस दुकानों से चावल और अन्य सामग्री का उठाव करने की प्रक्रिया क्या है? क्या इसके लिए कोई निश्चित तिथि तय की गई है? और जिन उपभोक्ताओं के आधार नंबर या मोबाइल OTP अपडेट नहीं हैं, उनके लिए क्या व्यवस्था की गई है?
खाद्य मंत्री बघेल का जवाब – राशन वितरण की प्रक्रिया तकनीक आधारित, लेकिन लचीली भी
खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने विधायक के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि राशन का वितरण अब तकनीक आधारित किया जा रहा है। उचित मूल्य की दुकानों में राशन प्राप्त करने के लिए कार्डधारक या उनके परिवार का कोई सदस्य ई-पॉस मशीन में आधार प्रमाणीकरण या पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्यान्न का वितरण आबंटन माह की पहली तारीख से लेकर आखिरी तारीख तक किया जा सकता है, यानी इसके लिए कोई विशेष तारीख निर्धारित नहीं है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को राशन लेने के लिए महीने की किसी खास तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ता।
OTP या आधार नहीं है, तो भी मिलेगा राशन – नामिनी व्यवस्था लागू
एक बड़ा सवाल यह था कि जिन कार्डधारियों का आधार या OTP अपडेट नहीं है, वे क्या करेंगे? इस पर मंत्री बघेल ने जानकारी दी कि ऐसे लोगों के लिए ‘नॉमिनी’ या ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की व्यवस्था की गई है। यदि कोई उपभोक्ता स्वयं आधार या OTP से राशन नहीं उठा सकता है, तो वह अपना विश्वस्त व्यक्ति नियुक्त कर सकता है, जो उसकी ओर से राशन प्राप्त करेगा। इससे यह साफ हो गया कि शासन ने व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त तो बनाया है, लेकिन जरूरतमंदों को राहत देने के लिए उसमें लचीलापन भी रखा है।
सीतापुर विधायक की सक्रियता की सराहना
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की ओर से इस मुद्दे को सदन में उठाया जाना यह दर्शाता है कि वे अपने क्षेत्र की जनता की जरूरतों और समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। राशन कार्ड से जुड़ी तकनीकी समस्याएं ग्रामीण इलाकों में आम हो चुकी हैं, ऐसे में विधायक द्वारा ये सवाल उठाना न केवल सराहनीय है, बल्कि राज्य सरकार के लिए भी सुधार की दिशा में एक संकेत है।
अब इंतजार है ब्लॉकवार डेटा और सुधारात्मक कदमों का
हालांकि मंत्री ने कुछ सवालों के उत्तर स्पष्ट रूप से दिए, लेकिन ब्लॉकवार आंकड़े सदन में प्रस्तुत नहीं किए गए। उम्मीद की जा रही है कि आगे के सत्रों में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और जरूरत पड़ने पर राशन वितरण प्रणाली में और सुधार किए जाएंगे।