नवीन विधायक विश्राम गृह: भविष्य की दिशा में बढ़ता मप्र, आधुनिकता से सुसज्जित होगा भवन – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवभोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आधुनिकता और तकनीक से सुसज्जित नवीन विधायक विश्राम गृह का भूमि पूजन समारोह सोमवार को भव्य रूप से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए भवन के दूसरे चरण के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि “यह निर्माण भविष्य की ओर बढ़ते प्रदेश की दिशा का प्रतीक है, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर माहौल और सुविधाएं प्रदान करेगा।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा रही है, यानी पीछे देखना और आगे की दिशा तय करना। इसी सोच के साथ हो रहा यह निर्माण अतीत के अनुभवों को आधार बनाकर आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ एक उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।
160 करोड़ की लागत, 102 फ्लैट और अत्याधुनिक सुविधाएं
इस नवीन विधायक विश्राम गृह का निर्माण करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसमें कुल 102 फ्लैट होंगे, जो सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इस भवन में विधायकों के लिए ऑफिस स्पेस, जिम, पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, चिकित्सालय, अग्निरोधक सुरक्षा व्यवस्था और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी व्यवस्थाएं होंगी। प्रमुख सचिव विधानसभा श्री अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि इसका निर्माण कार्य 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए विश्राम गृह का उद्देश्य: विधायकों के लिए बेहतर कार्य और विश्राम का वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थरों से बना ढांचा नहीं होगा, बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए एक ऐसा सुसज्जित परिसर बनेगा, जहां वे शांत माहौल में अपने कार्य, योजनाओं और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों के कार्यालयों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए सरकार ने बजट में प्रति विधायक 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है।
सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का मेल
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर और वंदे मातरम् के सामूहिक गान से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि आज भारतीय संस्कृति, भोजन शैली और जीवन दर्शन को दुनियाभर में सम्मान मिल रहा है। स्पेन सहित कई यूरोपीय देशों में लोग भारतीय परिधान और परंपराओं को अपनाते नजर आ रहे हैं।
भोपाल को स्वच्छता में शीर्ष पर लाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को देश में नंबर वन बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए नगर निगम और जनता के सहयोग से सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 8 शहरों को हाल ही में स्वच्छता पुरस्कार मिले हैं, जिसमें इंदौर एक बार फिर शीर्ष पर है।
महिलाओं को सौगात और धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा
डॉ. यादव ने बताया कि श्रावण मास की एकादशी के अवसर पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को 250 रुपये की शगुन राशि दी जाएगी। इसके अलावा महाकाल की सवारी में आदिवासी समुदायों के समूह नृत्य, संगीत और भक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की तारीफ, धारा 370 और तीन तलाक का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई और मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई गई।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर का संबोधन
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायकों को समयानुकूल सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण 1958 में हुआ था, जो अब आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि जल्द ही मध्यप्रदेश विधानसभा ई-असेंबली के रूप में विकसित की जाएगी।
कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विश्राम गृह सुरक्षा, सुविधा और तकनीक से सुसज्जित होगा, जिससे विधायकों को बेहतर वातावरण मिलेगा। उन्होंने अपने विधायक कार्यकाल के शुरुआती दिनों की यादें साझा करते हुए कहा कि अब समय के साथ संसाधनों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह निर्माण सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र के विश्वास की बुनियाद है। उन्होंने बताया कि यह भवन भूकंपरोधी और अग्निरोधक तकनीक से तैयार किया जाएगा, ताकि विधायकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस विशेष अवसर पर महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, गिरीश गौतम, श्रीमती कृष्णा गौर, विश्वास सारंग सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।