रायपुर, छत्तीसगढ़।
भाजपा ने शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित एकात्म परिसर में प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस पर करारा हमला बोला। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर कोल ब्लॉक आबंटन, वन कटाई और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठ का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन भाजपा उनके झूठ का पर्दाफाश करने के लिए तथ्य और दस्तावेज लेकर सामने आई है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को दिल्ली की दस जनपथ राजनीति का चारागाह बना दिया था। उन्होंने कहा कि शराब, कोयला, चावल, गोठान और पीएससी जैसे कई बड़े घोटालों ने राज्य के संसाधनों को बर्बाद कर दिया, और अब एक-एक कर इन मामलों के आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं।
कांग्रेस की भूमिका को लेकर उठाए कई सवाल
प्रेस वार्ता में केदार कश्यप ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार खुद को कोयला खनन और पेड़ों की कटाई के विरोध में दिखाती है, तो फिर वह खुद ही कोल ब्लॉक आबंटन की सिफारिश कैसे कर सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉकों को खोलने की न केवल अनुमति दी, बल्कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार के साथ मिलकर अडानी समूह को कई कोल ब्लॉकों का ऑपरेटर भी बनाया।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की दोहरी नीति है कि एक ओर जनता के बीच पर्यावरण की चिंता जताई जाती है और दूसरी ओर खनन की सिफारिशें की जाती हैं।
दस्तावेजों के साथ लगाए गए आरोप
प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने बताया कि:
23 जून 2011 को ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक खोलने की सिफारिश की गई थी।
16 अक्टूबर 2019 को भूपेश बघेल सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा।
31 मार्च 2021 को गारे पेलमा सेक्टर-2 कोलफील्ड को ओपन कास्ट खनन के लिए समझौता हुआ।
19 अप्रैल 2022 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-1 और स्टेज-2 के लिए कांग्रेस सरकार ने सिफारिश भेजी।
मंत्री कश्यप ने कहा कि जब खुद कांग्रेस सरकार ने इन सिफारिशों पर हस्ताक्षर किए हैं, तो अब विरोध क्यों?
मीडिया के सामने भाजपा के सवाल
प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से सीधा सवाल किया:
क्या कांग्रेस मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में लिए गए कोयला संबंधी फैसलों पर माफी मांगेगी?
क्या भूपेश बघेल अब बिजली का उपयोग बंद करेंगे, जैसा उन्होंने विरोधियों से कहा था?
क्या कांग्रेस हर भ्रष्टाचार के आरोपी के पक्ष में इसी तरह खड़ी होगी, जैसा वह आज भूपेश बघेल के बेटे के लिए कर रही है?
मंत्री कश्यप ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि कोयला खदानों के आवंटन और पर्यावरण मंजूरी में भूपेश बघेल और उनकी सरकार की पूरी भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि इन घोटालों की जांच आगे भी तेज होगी और सच जनता के सामने आएगा।
प्रेस वार्ता में प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
इस प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री और नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, आलोक सिंह और सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडेय सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।