गुरुर, बालोद।
ग्राम चिरचारी के किसान इन दिनों सिंचाई के लिए तरस रहे हैं। वजह है – गांव में तीन स्थानों पर बिजली के खंभों (विद्युत पोल) का गिर जाना। बताया जा रहा है कि स्टे तार की चोरी के चलते ये पोल खेतों में टूटकर गिर गए, जिससे मोटर पंप भी बंद हो गए हैं। तीन दिन से खेतों में बिजली नहीं होने की वजह से सिंचाई पूरी तरह रुक गई है।
पूरा मामला बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम चिरचारी का है। यहां गौठान के पास तीन अलग-अलग जगहों पर खड़े विद्युत पोल अचानक गिर गए। खेतों के बीच ये पोल बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हुए हैं। विद्युत विभाग की टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है।
बड़ा हादसा टला – नहीं थे किसान और मवेशी आसपास
स्थानीय विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि इन पोल्स को सहारा देने वाला स्टे तार पूरी तरह से गायब था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया, जिससे पोल कमजोर होकर गिर गए। अच्छी बात यह रही कि जिस समय पोल खेतों में गिरे, उस वक्त न तो कोई किसान आसपास था और न ही कोई मवेशी। वरना जान-माल की हानि हो सकती थी।
मरम्मत शुरू, लेकिन अभी इंतजार बाकी
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शनिवार को आंशिक मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है। लेकिन बाकी बचा कार्य सोमवार को किया जाएगा। जब तक मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक बिजली सप्लाई चालू नहीं की जाएगी। यानी किसानों को अभी कुछ और दिन बिजली के बिना ही खेती करनी पड़ेगी।
किसानों को हो रही दिक्कतें
तीन दिनों से बिजली बंद होने के कारण गांव के कई किसानों के खेत सूखने लगे हैं। धान की फसल इस समय पानी की मांग पर है, लेकिन बिजली नहीं होने से मोटर चल नहीं पा रही है। कई किसान खुद ट्रैक्टर और पंप सेट के जरिए पानी डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ये भी हर किसान के लिए संभव नहीं है।
गांव के किसान रमेश साहू बताते हैं –
“हमारे यहां तो मोटर से ही सिंचाई होती है। पिछले तीन दिनों से बिजली नहीं है, ऊपर से बारिश भी नहीं हो रही। ऐसे में फसल का नुकसान होना तय है। जो लोग डीजल से पानी चला सकते हैं, वही किसी तरह काम चला रहे हैं।”
विद्युत विभाग ने जताई चिंता
बिजली विभाग ने आशंका जताई है कि चोरी की गई स्टे तारों को स्क्रैप में बेचने के इरादे से हटाया गया है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस जांच की जरूरत है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके। यदि समय रहते इन घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
गांव में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने गांव में बिजली संबंधी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले खेतों में लगे बिजली पोलों की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। ना तो सीसीटीवी कैमरे हैं और ना ही कोई निगरानी। ऐसे में चोर आसानी से तारें निकालकर चले जाते हैं और गांव वालों को भुगतना पड़ता है।
गांववालों की मांग – जल्द से जल्द बहाल हो बिजली
गांव के लोगों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा कर बिजली सप्लाई बहाल की जाए। साथ ही ऐसे चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।