छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिले कांकेर से एक गर्व करने वाली खबर सामने आई है। केंद्रीय संचार ब्यूरो कांकेर कार्यालय में कार्यरत श्वेता शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित भारतीय सूचना सेवा (IIS) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उनके इस चयन से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
श्वेता पिछले 9 वर्षों से केंद्रीय संचार ब्यूरो के माध्यम से आदिवासी इलाकों में केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने आज उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक – भारतीय सूचना सेवा – में स्थान दिलाया है।
कलेक्टर और कुलपति ने दी बधाई
श्वेता की इस बड़ी सफलता पर कांकेर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्हें बधाई दी और कहा कि यह जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा देने वाला क्षण है।
वहीं, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी श्वेता को शुभकामनाएं दी हैं और कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बनेंगे।
9 साल से निभा रही थीं अहम जिम्मेदारी
श्वेता शर्मा पिछले 9 वर्षों से केंद्रीय संचार ब्यूरो के कांकेर जिला इकाई में कार्यरत थीं। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे – प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में प्रभावी प्रचार-प्रसार किया।
उनकी कार्यशैली, संवाद कौशल और समर्पण के चलते उन्हें कई बार राज्य और केंद्रीय स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है। उनका मानना है कि सूचना और संचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
भारतीय सूचना सेवा क्या है?
भारतीय सूचना सेवा (Indian Information Service – IIS) भारत सरकार की एक विशिष्ट सेवा है, जिसके अधिकारी जनसंचार, मीडिया प्रबंधन, सरकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में कार्य करते हैं।
इस सेवा के अंतर्गत अधिकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB), आकाशवाणी, दूरदर्शन, फिल्म डिवीजन, सोशल मीडिया सेल्स आदि में नियुक्त किए जाते हैं। यह सेवा UPSC के माध्यम से चयनित होती है और इसके लिए कड़ी प्रतियोगिता से गुजरना होता है।
आदिवासी बेटियों के लिए बनी मिसाल
श्वेता शर्मा का यह चयन खासतौर पर आदिवासी अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखा दिया कि अगर लक्ष्य तय हो और मेहनत लगातार की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
उन्होंने नौकरी करते हुए न केवल अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किया, बल्कि पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में भी लगातार सक्रिय रहीं। यह सफलता उनके धैर्य, समर्पण और सकारात्मक सोच का परिणाम है।
श्वेता का कहना – सपनों को ज़िंदा रखें
अपने चयन पर खुशी जाहिर करते हुए श्वेता शर्मा ने कहा, “मैंने हमेशा अपने काम को ही तैयारी का हिस्सा माना। सरकारी योजनाओं के प्रचार में जो अनुभव मिला, उसने मेरी समझ और दृष्टिकोण को मजबूत किया। मैं सभी युवाओं से कहना चाहती हूं कि अपने सपनों को ज़िंदा रखें और हर दिन सीखते रहें, मेहनत जरूर रंग लाएगी।”