जिले में सरकारी योजनाओं की ज़मीनी हकीकत परखने के लिए कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने गुरुवार को कंचनपुर की आंगनबाड़ी और कसरा उपस्वास्थ्य केंद्र का अचानक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान जो खामियां सामने आईं, उन पर कलेक्टर ने कड़ी नाराज़गी जताई और ज़िम्मेदार अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी भी मौजूद थे।
आंगनबाड़ी में बच्चों की गैरमौजूदगी और गंदगी बनी चिंता की वजह
कलेक्टर सबसे पहले कंचनपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। वहां उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई, जिसमें सामने आया कि कुल दर्ज बच्चों में से 12 बच्चे उस दिन अनुपस्थित थे। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांति गुप्ता से इस बारे में पूछा गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं।
केंद्र की हालत भी कुछ खास अच्छी नहीं मिली – साफ-सफाई की कमी, व्यवस्था में लापरवाही और बच्चों के बैठने के उचित इंतज़ाम का अभाव स्पष्ट दिखाई दिया। कलेक्टर त्रिपाठी ने नाराज़गी जताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के नवपदस्थ जिला कार्यक्रम अधिकारी एन. एस. रावटे को निर्देश दिया कि इस मामले में तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य केंद्र में भी अव्यवस्था, प्रसव कक्ष में पानी तक नहीं
इसके बाद कलेक्टर का काफिला कसरा के उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। यहां का हाल भी कुछ खास बेहतर नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष, वार्ड, शौचालय और अन्य जरूरी कक्षों की स्थिति देखी गई। प्रसव कक्ष में पानी की व्यवस्था न होना और सामान बेतरतीब फैला होना देखकर कलेक्टर ने नाराज़गी जताई।
उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को साफ शब्दों में हिदायत दी कि स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और उपकरणों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए।
सीएमएचओ को भी दिए निर्देश
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रशांत सिंह को निर्देश दिया कि कसरा उपस्वास्थ्य केंद्र में सभी जरूरी व्यवस्थाएं तुरंत सुनिश्चित की जाएं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए और केंद्र की साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक उपकरणों की नियमित निगरानी की जाए।
जमीनी स्तर पर दिखी लापरवाही, अब होगी जवाबदेही तय
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी का यह औचक निरीक्षण सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की असल तस्वीर उजागर करने वाला साबित हुआ। जिला प्रशासन की ओर से साफ संकेत दिया गया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चलेगी। चाहे वह आंगनबाड़ी केंद्र हो या स्वास्थ्य केंद्र – सभी जगहों पर जवाबदेही तय होगी।
निरीक्षण के दौरान मौजूद जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने भी व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।