रायसेन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर एक गाय पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया है. इसके अलावा, एक और वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें एक भीम आर्मी सदस्य द्वारा कुछ लोगों के पैर छुए जा रहे हैं।
गौमाता पर पेशाब: माफी न मांगने पर भीम आर्मी सदस्य का पुतला दहन
रायसेन जिले के देवरी नगर में कुछ दिन पहले दो वीडियो वायरल हुए, जिन्होंने पूरे शहर में सनसनी फैला दी. पहला वीडियो सीसीटीवी फुटेज का है, जिसमें एक व्यक्ति सड़क पर बैठी गाय पर पेशाब करता हुआ दिख रहा है. यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और आरोपी की पहचान देवरी निवासी हरिसेवक अहिरवार के रूप में हुई. बताया जा रहा है कि हरिसेवक मूक-बधिर हैं और भीम आर्मी का सदस्य हैं.
इस घटना के बाद मंगलवार को नगर देवरी और आसपास के सैकड़ों लोग राम मंदिर में इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए हिंदू संगठनों के साथ थाने पहुंचे. उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि आरोपी सार्वजनिक रूप से गौमाता से माफी मांगे. शाम तक माफी न मांगने पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड पर भीम आर्मी के सदस्य का पुतला दहन किया. लोगों का कहना था कि जिस गोवंश में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, उस पर पेशाब करने वाले व्यक्ति के माफी न मांगने से उनका गुस्सा भड़क गया
पैर छूने का मामला: दलित समाज के अपमान का आरोप
वहीं, दूसरा वायरल वीडियो एक दुकान के सामने का है, जहां रात में तीन-चार लोग बैठे दिख रहे हैं. इस वीडियो में एक व्यक्ति आता है और एक लड़के के पैर छूने लगता है. यह मामला भी विवादों में घिर गया है.
भीम आर्मी और अहिरवार समाज के लोगों का कहना है कि यह वीडियो दलितों द्वारा पैर छूने का गलत तरीके से प्रचार किया जा रहा है उन्होंने बस स्टैंड पर सार्वजनिक रूप से राकेश साहू, विक्की चौरसिया, अरविंद रजक और जितेंद्र भनारिया से हरिसेवक अहिरवार से माफी मंगवाई हरिसेवक अहिरवार के राकेश साहू से पैर छुआए और उनसे अनजाने में हुई गलती के लिए माफी मंगवाई. उनका आरोप है कि यह वीडियो दलित समाज से पैर छुआने का बताकर जानबूझकर वायरल किया जा रहा है।
क्या है दूसरे मामले की हकीकत?
दुकान के बाहर रात 8:30 बजे के इस वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि राकेश साहू, विक्की चौरसिया, अरविंद रजक और जितेंद्र भनारिया दुकान के सामने बैठे हुए थे. तभी हरिसेवक अहिरवार शराब के नशे में धुत होकर उनके पास आया. ओर पैर छूने लगा लोग शराबी से उलझना नहीं चाहते थे, इसलिए उसे इशारे में वहां से जाने का कह रहे थे, क्योंकि वह सुन नहीं सकता. जब वह नहीं गया, तो बैठे लोगों ने कहा कि इसका वीडियो बनाओ, तब यह जाएगा.
मजाक-मजाक में वीडियो बना ली गई और उसी समय हरिसेवक राकेश साहू के पैर पड़ने लगा. वीडियो बनाने के बाद हरिसेवक को वह वीडियो दिखाई गई और वह वहां से चला गया. किसी और वीडियो अपलोड करने की जगह, गलती से यह वीडियो फेसबुक पर अपलोड हो गई. वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति ने उसके घर जाकर माफी भी मांगी, लेकिन भीम आर्मी के लोगों ने मामले को तूल देते हुए थाने में शिकायत की और सार्वजनिक रूप से चारों लोगों से माफी मंगवाई और उस लड़के के पैर छुआए, जो रात में वहां बैठे लोगों के पैर पड़ रहा था.
हालांकि, वीडियो में दिख रहा है साहू ने अपनी गलती मानते हुए पैर छुए और माफी मांगी. यह मामला यहीं खत्म हो जाता, लेकिन भीम आर्मी और समाज के लोगों द्वारा वीडियो को गलत तरीके से दलित समाज से पैर छुआने का बताकर वायरल किया जा रहा है।
पुलिस और स्थानीय लोगों की राय
देवरी थाना प्रभारी जयदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों को बुलाया जा रहा है. वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच रहे हैं, जिनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. गौमाता पर पेशाब करने वाले व्यक्ति के बारे में उन्होंने कहा कि वह मानसिक रोगी है और अक्सर कहीं भी हंगामा करते देखा जाता है. कई बार पुलिस उसे डांट-फटकार कर घर भेज देती है. लोगों से पता चला है कि वह शराब पीकर हंगामा करता रहता है और अगर किसी ने कुछ बोला तो पैर भी पकड़ लेता है. हालांकि, पुलिस अपने नियम-कानून के हिसाब से कार्रवाई करेगी.
नगर के कुछ वरिष्ठ लोगों ने भी बताया कि हरिसेवक के लिए पैर पकड़ना आम बात है. लोग उसे पैर पकड़ने के लिए नहीं बोलते, वह खुद ही पकड़ लेता है. उनका मानना है कि इस वीडियो में भी ऐसा ही कुछ हुआ है, लेकिन लोग इसे गलत तरीके से वायरल कर रहे हैं, जबकि यह व्यक्ति नगर में हर जगह हंगामा करता रहता है और लोग उसे पागल समझ कर माफ कर देते हैं.
हिंदू संगठनों की मांग और भीम आर्मी का पलटवार
नीलेश रघुवंशी, अध्यक्ष हिंदू उत्सव समिति, देवरी, का कहना है कि गौमाता वाले मामले में जो व्यक्ति पेशाब करते देखा जा रहा है, वह मानसिक विक्षिप्त है और उससे ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने मांग की कि गौमाता की पूजा की जाए और गोवंश से माफी मांगी जाए. उनका कहना है कि अगर मानसिक व्यक्ति यह नहीं कर सकता, तो उसके परिजन भी कर सकते हैं.
वहीं, राकेश अंबेडकर, जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, का कहना है कि पैर छूने वाले मामले में एफआईआर कराई जा रही है. गौमाता वाले मामले में उनका कहना है कि यह वीडियो दो साल पुराना है और गलत तरीके से बताया जा रहा है.
नोट: दैनिक हिस्ट्री वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। यह खबर केवल सामने आई घटनाओं और पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर प्रकाशित की जा रही है।