भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को नशे की गंभीर लत से बचाने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा और कुशल नेतृत्व में, राज्य पुलिस ने आज “नशे से दूरी – है जरूरी” नामक एक विशाल जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया है।
यह महत्वपूर्ण अभियान 15 से 30 जुलाई 2025 तक पूरे मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और किशोरों को नशे के भयानक परिणामों के बारे में जागरूक करना, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और जो लोग पहले से ही नशे की चपेट में आ चुके हैं, उन्हें उचित परामर्श, सहयोग और पुनर्वास की दिशा में सहायता प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य एक स्वस्थ और नशामुक्त युवा पीढ़ी का निर्माण करना है।
पुलिस मुख्यालय की नारकोटिक्स विंग के ज़रिए होगा अभियान का संचालन
अभियान का संचालन पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) के. पी. वेंकटेश्वर राव की निगरानी में किया जा रहा है। राव ने बताया कि यह अभियान समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा और खासकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों पर केंद्रित होगा, क्योंकि आज के युवा ही कल का भविष्य हैं।
क्या होगा इस अभियान के तहत?
स्कूल और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम – नुक्कड़ नाटक, प्रेरणादायक भाषण, स्लोगन प्रतियोगिताएं और पोस्टर मेकिंग के ज़रिए छात्रों को नशे से बचने का संदेश दिया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जागरूकता – सोशल मीडिया, यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर छोटे वीडियो, मैसेज और रील्स के ज़रिए युवाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंच बनाई जाएगी।
जनता से सीधा संवाद – बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस और समाजसेवी संगठन मिलकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे।
नशामुक्ति के लिए परामर्श और मदद – जिन लोगों को पहले से नशे की लत है, उन्हें सही दिशा में ले जाने के लिए परामर्शदाताओं और विशेषज्ञों की मदद से पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
समाज की भागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
इस अभियान में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि कई अन्य विभाग और सामाजिक संस्थाएं भी मिलकर काम करेंगी। इनमें शामिल हैं:
शासकीय विभाग
गैर-सरकारी संगठन (NGOs)
धार्मिक गुरू और धर्माचार्य
समाजसेवी संस्थाएं और जनप्रतिनिधि
ग्राम और नगर सुरक्षा समितियां
इन सबकी मदद से गांव-गांव और शहर-शहर तक यह संदेश पहुंचेगा कि “नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, पूरे समाज को तबाह करता है।”
क्यों है यह अभियान जरूरी?
आजकल नशा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। खासकर युवा वर्ग इसका शिकार तेजी से हो रहा है। नशे की लत न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को भी तोड़ देती है।
“नशे से दूरी – है जरूरी” अभियान का उद्देश्य है कि लोग सिर्फ नशे के खतरों को जानें नहीं, बल्कि इससे बचाव के लिए एकजुट होकर कदम भी उठाएं।
जनता से अपील
मध्यप्रदेश पुलिस और राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि इस अभियान का हिस्सा बनें। अपने बच्चों, पड़ोसियों, दोस्तों और समुदाय के लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करें। अगर कोई व्यक्ति नशे का शिकार है, तो उसे ताना न दें, बल्कि मदद का हाथ बढ़ाएं।