विजय अग्रवाल मैहर
मैहर। देवी जी रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लगा बिजली का ट्रांसफॉर्मर लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। इस ट्रांसफॉर्मर पर पेड़ की बेलें इस कदर चढ़ चुकी हैं कि वह अब किसी भी समय एक बड़े हादसे को जन्म दे सकती हैं। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बिजली विभाग और प्रशासन अगर समय रहते जागरूक नहीं हुआ, तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
पेड़ की बेलों ने जकड़ा ट्रांसफॉर्मर
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जो ट्रांसफॉर्मर लगा है, उस पर पेड़ की बेलें और लताएं पूरी तरह से लिपटी हुई हैं। दूर से देखने पर लगता है मानो पेड़ खुद बिजली के खंभों पर चढ़ गया हो। लेकिन ये नजारा जितना सामान्य लगता है, असल में उतना ही खतरनाक है।ट्रांसफॉर्मर और बिजली की तारें बेलों से पूरी तरह ढंकी हुई हैं, जिससे कभी भी शॉर्ट सर्किट, आग लगना या करंट फैलने की घटना हो सकती है। खासकर बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
बारिश में करंट फैलने का खतरा
बारिश के समय जब बेलें और लताएं गीली हो जाती हैं, तब उनमें करंट फैल सकता है। इससे वहां से गुजर रहे किसी भी व्यक्ति को जानलेवा झटका लग सकता है। आसपास के लोग हर दिन इस रास्ते से गुजरते हैं और हर बार डर के साए में चलते हैं।ब्लॉक अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने कहा कि माता के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भी इसी रास्ते से होकर जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
मोहल्ला डूब सकता है अंधेरे में
अगर किसी दिन ट्रांसफॉर्मर में फॉल्ट आ गया तो पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूब सकता है। साथ ही, आग लगने की स्थिति में आस-पास के घरों, दुकानों और लोगों की जान-माल को भारी नुकसान हो सकता है। कई लोगों ने पहले भी बिजली विभाग से इस बारे में शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जनता में रोष, विभाग पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग इन गंभीर समस्याओं को लेकर लापरवाह है। विभाग सिर्फ ट्रांसफॉर्मर लगाने तक ही अपनी जिम्मेदारी समझता है, लेकिन उसकी नियमित देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाता।प्रभात द्विवेदी ने कहा कि विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द इन बेलों और लताओं को ट्रांसफॉर्मर से हटाया जाए और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए।
प्रशासन से की गई अपील
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और बिजली विभाग को सख्त निर्देश दें कि ऐसे सभी ट्रांसफॉर्मरों की जांच हो, जहां पेड़-पौधों की बेलों ने तारों और खंभों को जकड़ रखा है।उन्होंने कहा कि हम हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं? क्या किसी की जान जाने के बाद ही जागेंगे? प्रशासन और विभाग को अभी चेतना चाहिए और फौरन कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या होना चाहिए समाधान?
सभी ट्रांसफॉर्मरों का नियमित निरीक्षण हो।
जहां पेड़ या बेलें बिजली के खंभों को छू रही हों, उन्हें तुरंत हटाया जाए।
बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए।
ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया जाए।
मोहल्ले के लोगों को भी जागरूक किया जाए।
निष्कर्ष:
एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का यह ट्रांसफॉर्मर एक चेतावनी है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो हम एक बड़ी त्रासदी के गवाह बन सकते हैं। ज़िम्मेदार विभाग और प्रशासन को तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।